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बदरखा की होगी जांच, मवी कलां में अवैध मिट्टी खनन
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बागपत। बदरखा गांव के रेत खनन के पट्टे में बरती गई अनियमितता की जांच अब जिला स्तरीय टीम करेगी। एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई है। उधर, मवी कलां गांव में नियमों को ताक पर रखकर मिट्टी खनन किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से मिट्टी खनन की अनुमति नहीं है। ग्रामीणों के बीच नाराजगी है।
बदरखा गांव में खनन के लिए पट्टा स्वीकृत किया गया था। मगर, स्वीकृत जगह के बजाए पट्टा धारकों ने अन्य जगह खनन कर दिया। खनन निदेशक डॉ रोशन जैकब ने जांच कराई तो 98 हजार 483 घन मीटर अवैध बालू खनन पकड़ा गया था। इसके बाद डीएम शकुंतला गौतम के निर्देश पर पट्टा धारक पर 3.90 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। बदरखा में नियमों को ताक पर रखकर किए गए खनन की गूंज लखनऊ तक हो रही है। लखनऊ से गठित टीम के बाद अब जिला स्तरीय टीम जांच करेगी। एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्रा, सीओ बड़ौत आलोक कुमार के नेतृत्व में टीम यमुना खादर में जाकर हकीकत देखेगी और इसकी रिपोर्ट डीएम शकुंतला गौतम के सामने प्रस्तुत की जाएगी। उधर, एक तरफ बदरखा में खनन की गूंज हो रही है और दूसरी तरफ खेकड़ा तहसील क्षेत्र के मवी कलां गांव में अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। प्रशासन से बगैर अनुमति के नियमों को ताक पर रखकर यहां ईंट भट्टों के लिए मिट्टी खनन किया जा रहा है। जगह-जगह 15 फीट तक की खुदाई कर दी गई है। खनन के लिए जेसीबी लगाई गई है। ग्रामीणों में अवैध मिट्टी खनन को लेकर नाराजगी है।
जिला खनन अधिकारी राजकुमार का कहना है कि मिट्टी खनन की जिले में अनुमति नहीं है। अनुमति के बाद भी निर्धारित गहराई से ज्यादा खनन नहीं किया जा सकता। मामले की जांच होगी। तहसीलदार खेकड़ा यदुवंश कुमार का कहना है कि किसी ने शिकायत नहीं की है। उनकी जानकारी में अवैध खनन का मामला नहीं है। प्रकरण की जांच की जाएगी।
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ताक पर रखे गए थे सारे नियम
बागपत। बदरखा में खनन पट्टे में सारे नियम ताक पर रखे गए थे। सीसीटीवी की फुटेज नहीं मिली, इसके अलावा आधार स्तंभ भी नहीं थे। शासन ने इस पर सख्ती की है।
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बदरखा गांव में खनन के लिए पट्टा स्वीकृत किया गया था। मगर, स्वीकृत जगह के बजाए पट्टा धारकों ने अन्य जगह खनन कर दिया। खनन निदेशक डॉ रोशन जैकब ने जांच कराई तो 98 हजार 483 घन मीटर अवैध बालू खनन पकड़ा गया था। इसके बाद डीएम शकुंतला गौतम के निर्देश पर पट्टा धारक पर 3.90 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। बदरखा में नियमों को ताक पर रखकर किए गए खनन की गूंज लखनऊ तक हो रही है। लखनऊ से गठित टीम के बाद अब जिला स्तरीय टीम जांच करेगी। एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्रा, सीओ बड़ौत आलोक कुमार के नेतृत्व में टीम यमुना खादर में जाकर हकीकत देखेगी और इसकी रिपोर्ट डीएम शकुंतला गौतम के सामने प्रस्तुत की जाएगी। उधर, एक तरफ बदरखा में खनन की गूंज हो रही है और दूसरी तरफ खेकड़ा तहसील क्षेत्र के मवी कलां गांव में अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। प्रशासन से बगैर अनुमति के नियमों को ताक पर रखकर यहां ईंट भट्टों के लिए मिट्टी खनन किया जा रहा है। जगह-जगह 15 फीट तक की खुदाई कर दी गई है। खनन के लिए जेसीबी लगाई गई है। ग्रामीणों में अवैध मिट्टी खनन को लेकर नाराजगी है।
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जिला खनन अधिकारी राजकुमार का कहना है कि मिट्टी खनन की जिले में अनुमति नहीं है। अनुमति के बाद भी निर्धारित गहराई से ज्यादा खनन नहीं किया जा सकता। मामले की जांच होगी। तहसीलदार खेकड़ा यदुवंश कुमार का कहना है कि किसी ने शिकायत नहीं की है। उनकी जानकारी में अवैध खनन का मामला नहीं है। प्रकरण की जांच की जाएगी।
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ताक पर रखे गए थे सारे नियम
बागपत। बदरखा में खनन पट्टे में सारे नियम ताक पर रखे गए थे। सीसीटीवी की फुटेज नहीं मिली, इसके अलावा आधार स्तंभ भी नहीं थे। शासन ने इस पर सख्ती की है।