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Baghpat News: जिला पंचायत की बैठक में भिड़े सदस्य, 30 करोड़ का बजट पास
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बागपत। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में रालोद व भाजपा के सदस्य आपस में भिड़ गए और जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के बीच 30 करोड़ 51 लाख 29 हजार रुपये का बजट का प्रस्ताव पास किया गया। इसके साथ ही बैठक में कई अन्य प्रस्ताव पास किए गए।
सोमवार को जिला पंचायत के सभागार में अध्यक्ष ममता किशोर की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक शुरू हुई। भाजपा के जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण व जयकुमार ने विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाया। उनका आरोप था कि उनके वार्डों में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे है और विकास कार्यों में भेदभाव बरता जा रहा है। इसके साथ ही पहले हुए कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास कार्यों में गड़बड़ी की जा रही है।
उनके ही बार-बार बोलने पर रालोद के सदस्य बसंत तोमर व जितेंद्र ने विरोध जताया तो उनमें नोकझोंक शुरू हो गई। इसके बाद भाजपा व रालोद के सदस्य आपस में भिड़ने लगे। उन्हें किसी तरह शांत किया गया।
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इसके बाद वर्ष 2023-24 का पुनरीक्षित बजट पेश किया गया। पहले 38 करोड़ 71 लाख की आय के सापेक्ष व्यय का इतना ही बजट था, जिसे पुनरीक्षित करके आय 51 करोड़ 74 लाख 60 हजार के सापक्षे इतना ही व्यय का प्रस्ताव पास किया गया। इसके बाद वर्ष 2024-25 की आय 30 करोड़ 51 लाख 29 हजार के सापेक्ष इतना ही व्यय का प्रस्ताव का पास किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य सुभाष गुर्जर, बसंत तोमर, रविंद्र बली, मनुपाल बंसल, लक्ष्मण, धनपाल, सुनीता, रीता मलिक, प्रविंद्र, शौकेंद्र तोमर, संजय डीलर, गीता, शाहिदा आदि मौजूद रहे।
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समितियों के दोबारा गठन का प्रस्ताव नामंजूर
जिला पंचायत में विकास समिति, शिक्षा समिति, निर्माण कार्य समिति, स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति, प्रशासनिक समिति, जल प्रबंधन समितियों का गठन किया जाता है। जिसमें एक सभापति व अन्य सदस्य होते हैं। वहां समितियों के पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा गया, जिसपर सदस्यों ने आपत्ति जता दी। उन्होंने कहा कि पहले से गठित समितियों की जांच हो और उसके बाद उनका पुनर्गठन किया जाए।
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मुर्दा मवेशी उठाने वालों पर रुपये मांगने का आरोप
जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में सदस्यों ने मुर्दा मवेशी के ठेकेदारों पर रुपये मांगने का आरोप लगाया। कहा गया कि अगर किसी का मवेशी मर जाता है और उनको फोन किया जाता है तो वह उसे उठाने के लिए रुपये मांगते है। इसलिए उनपर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा कई अन्य ठेकों में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया।
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दुकानों को कर मुक्त करने का प्रस्ताव
जिला पंचायत की तरफ से ईंट भट्ठों, रेस्टोरेंट, दुकानों समेत अन्य प्रतिष्ठानों से कर वसूला जाता है। ऐसे जिला पंचायत के 1905 करदाता है। सदस्यों ने कर की श्रेणी से सभी छोटी दुकानों को बाहर करने का प्रस्ताव रखा, जिसपर अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
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सड़क बनते ही टूटी, सिंचाई विभाग से एनओसी भी नहीं मिल रही
जिला पंचायत सदस्य मनुपाल बंसल ने कहा कि उनके गांव में जिला पंचायत की तरफ से सड़क बनवाई गई थी जो 15 दिन बाद ही टूट गई। इस पर अपर मुख्य अधिकारी ने कहा कि ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया है। वहां जेई पर कमीशन के चक्कर में कार्य भी सही नहीं कराने का आरोप लगाया गया। वहीं जितेंद्र ने सिंचाई विभाग से कई कार्यों के लिए एनओसी नहीं भेजे जाने का आरोप लगाया।
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सोमवार को जिला पंचायत के सभागार में अध्यक्ष ममता किशोर की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक शुरू हुई। भाजपा के जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण व जयकुमार ने विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाया। उनका आरोप था कि उनके वार्डों में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे है और विकास कार्यों में भेदभाव बरता जा रहा है। इसके साथ ही पहले हुए कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास कार्यों में गड़बड़ी की जा रही है।
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उनके ही बार-बार बोलने पर रालोद के सदस्य बसंत तोमर व जितेंद्र ने विरोध जताया तो उनमें नोकझोंक शुरू हो गई। इसके बाद भाजपा व रालोद के सदस्य आपस में भिड़ने लगे। उन्हें किसी तरह शांत किया गया।
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इसके बाद वर्ष 2023-24 का पुनरीक्षित बजट पेश किया गया। पहले 38 करोड़ 71 लाख की आय के सापेक्ष व्यय का इतना ही बजट था, जिसे पुनरीक्षित करके आय 51 करोड़ 74 लाख 60 हजार के सापक्षे इतना ही व्यय का प्रस्ताव पास किया गया। इसके बाद वर्ष 2024-25 की आय 30 करोड़ 51 लाख 29 हजार के सापेक्ष इतना ही व्यय का प्रस्ताव का पास किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य सुभाष गुर्जर, बसंत तोमर, रविंद्र बली, मनुपाल बंसल, लक्ष्मण, धनपाल, सुनीता, रीता मलिक, प्रविंद्र, शौकेंद्र तोमर, संजय डीलर, गीता, शाहिदा आदि मौजूद रहे।
समितियों के दोबारा गठन का प्रस्ताव नामंजूर
जिला पंचायत में विकास समिति, शिक्षा समिति, निर्माण कार्य समिति, स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति, प्रशासनिक समिति, जल प्रबंधन समितियों का गठन किया जाता है। जिसमें एक सभापति व अन्य सदस्य होते हैं। वहां समितियों के पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा गया, जिसपर सदस्यों ने आपत्ति जता दी। उन्होंने कहा कि पहले से गठित समितियों की जांच हो और उसके बाद उनका पुनर्गठन किया जाए।
मुर्दा मवेशी उठाने वालों पर रुपये मांगने का आरोप
जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में सदस्यों ने मुर्दा मवेशी के ठेकेदारों पर रुपये मांगने का आरोप लगाया। कहा गया कि अगर किसी का मवेशी मर जाता है और उनको फोन किया जाता है तो वह उसे उठाने के लिए रुपये मांगते है। इसलिए उनपर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा कई अन्य ठेकों में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया।
दुकानों को कर मुक्त करने का प्रस्ताव
जिला पंचायत की तरफ से ईंट भट्ठों, रेस्टोरेंट, दुकानों समेत अन्य प्रतिष्ठानों से कर वसूला जाता है। ऐसे जिला पंचायत के 1905 करदाता है। सदस्यों ने कर की श्रेणी से सभी छोटी दुकानों को बाहर करने का प्रस्ताव रखा, जिसपर अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
सड़क बनते ही टूटी, सिंचाई विभाग से एनओसी भी नहीं मिल रही
जिला पंचायत सदस्य मनुपाल बंसल ने कहा कि उनके गांव में जिला पंचायत की तरफ से सड़क बनवाई गई थी जो 15 दिन बाद ही टूट गई। इस पर अपर मुख्य अधिकारी ने कहा कि ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया है। वहां जेई पर कमीशन के चक्कर में कार्य भी सही नहीं कराने का आरोप लगाया गया। वहीं जितेंद्र ने सिंचाई विभाग से कई कार्यों के लिए एनओसी नहीं भेजे जाने का आरोप लगाया।