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Baghpat News: वेदों का स्वाध्याय करने से ही मनुष्य का कल्याण संभव
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फोटो - 2
दोघट। योगाचार्य मुकेश विद्यालंकार ने कहा कि जो व्यक्ति वेद का स्वाध्याय और दर्शनों का चिंतन करता है, वही सफलता प्राप्त कर सकता है।
आजमपुर मुलसम गांव में बुधवार को तीन दिवसीय सामवेद पारायण महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। इसके उपरांत धर्मसभा हुई, जिसमें योगाचार्य ने कहा कि जीवन में इंद्रियों का निग्रह व इंद्रियों की शुचिता बहुत जरूरी है। इसके बिना जीवन में सात्विकता नहीं आ सकती। आर्य समाज द्वारा चलाए जा रहे समाजोद्धार के कार्य से ही राष्ट्र कल्याण संभव है। स्वामी सत्यवेश ने यज्ञिक अनुष्ठानों में शामिल होने का आह्वान किया। इस मौके पर डॉ़ करुण भारद्वाज, प्रदीप आर्य, सतपाल आर्य, डॉ़ नरेंद्र, रामपाल सिंह, ब्रह्मचारी आर्य, चौधरी मल्लू सिंह, श्रीचंद, मास्टर नैन सिंह, ओमप्रकाश, विपिन, नरेश, धर्मपाल मौजूद रहे।
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दोघट। योगाचार्य मुकेश विद्यालंकार ने कहा कि जो व्यक्ति वेद का स्वाध्याय और दर्शनों का चिंतन करता है, वही सफलता प्राप्त कर सकता है।
आजमपुर मुलसम गांव में बुधवार को तीन दिवसीय सामवेद पारायण महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। इसके उपरांत धर्मसभा हुई, जिसमें योगाचार्य ने कहा कि जीवन में इंद्रियों का निग्रह व इंद्रियों की शुचिता बहुत जरूरी है। इसके बिना जीवन में सात्विकता नहीं आ सकती। आर्य समाज द्वारा चलाए जा रहे समाजोद्धार के कार्य से ही राष्ट्र कल्याण संभव है। स्वामी सत्यवेश ने यज्ञिक अनुष्ठानों में शामिल होने का आह्वान किया। इस मौके पर डॉ़ करुण भारद्वाज, प्रदीप आर्य, सतपाल आर्य, डॉ़ नरेंद्र, रामपाल सिंह, ब्रह्मचारी आर्य, चौधरी मल्लू सिंह, श्रीचंद, मास्टर नैन सिंह, ओमप्रकाश, विपिन, नरेश, धर्मपाल मौजूद रहे।