सराय के बाजार बंद, सिस्टम पर भड़के
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सराफ अंकित वर्मा के मकान में बदमाशों ने 14 नवंबर की तड़के लाखों की डकैती की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस अफसरों ने मौके पर पहुंचकर केस का जल्द से जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया था। लेकिन पुलिस अभी तक केस का खुलासा नहीं कर पाई है। इसके विरोध में सोमवार सुबह व्यापारियों ने अपनी दुकानें नहीं खोली। पूरा बाजार बंद रहा। सुबह करीब दस बजे व्यापारी, सराफ अंकित वर्मा के मकान पर पहुंचे। वहां पर पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया गया। उसके बाद व्यापारियों ने पूरे कस्बे में जुलूस निकालते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में फव्वारा चौक पर रोड जाम कर दिया।
सीओ राजवीर सिंह वहां पर पहुंचे। उनकी व्यापारियों से काफी नोकझोंक हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस बदमाशों को पकड़ने का पूरा प्रयास कर रही है। दो दिन के अंदर केस का खुलासा कर दिया जाएगा। पीड़ित परिवार ने उसी समय कहा कि यदि निर्धारित समय में केस का खुलासा नहीं हुआ तो वे कस्बे से पलायन कर देंगे। व्यापारियों ने कहा कि जब तक केस का खुलासा नहीं होगा बाजार नहीं खुलेगा। व्यापारी राकेश बंसल, राजकुमार, इंद्रसैन, धनराज जैन, सुशील, शीशराम, दुलीचंद, बाबूराम, महेश, दिनेश जैन, अंकुर मौजूद रहे।
पीड़ित परिवार को पलायन करने से रोका
अमीनगर सराय। सराफ अंकित वर्मा के पिता बाबूराम वर्मा घटना से काफी दुखी है। उन्होंने कहा कि कस्बे में व्यापारी वर्ग सुरक्षित नहीं है। उन्होंने अपने बेटे अंकित वर्मा को क स्बा छोड़ने को कहा। व्यापारियों ने उनको समझाबुझाकर शांत किया।
व्यापार संघ अध्यक्ष को इस्तीफा देने को कहा
अमीनगर सराय। कस्बे के व्यापार संघ के अध्यक्ष राकेश बंसल ने पुलिस के खिलाफ मौन जुलूस निकालने के लिए कहा। इस पर व्यापारी गुस्से में आ गए। उन्होंने उनको जमकर खरी-खोटी सुनाई। उनको इस्तीफा देने तक बोल दिया। कुछ व्यापारियों ने किसी तरह मामला शांत किया।
कई थाने की पुलिस रही तैनात
अमीनगर सराय। कस्बे में हंगामे के दौरान सिंघावली अहीर, बालैनी, बिनौली, बागपत समेत कई थानों की पुलिस तैनात रही। पुलिस वालों की व्यापारियों से नोकझोंक भी हुई।
सामान न मिलने से लोग हुए परेशान
अमीनगर सराय। बाजार बंद होने से लोगों को सामान नहीं मिला। आसपास के गांवों से सामान खरीदने आए लोग खाली हाथ लौटे। इससे उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।