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नहीं सुधर रही स्वास्थ्य सेवाएं, किसी जगह नहीं पहुंचते चिकित्सक तो कहीं दवाईयों का टोटा

Thu, 17 Feb 2022 10:08 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Feb 2022 10:08 PM IST
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Health department's health is not improving
अग्रवाल मंडी टटीरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की क्षतिग्रस्त हुई दिवार दिखाता सफाई कर्मचार? - फोटो : BAGHPAT
बागपत/बड़ौत/बिनौली। ग्रामीण क्षेत्रों में लचर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ अस्पतालों में चिकित्सक समय से नहीं पहुंचते तो कहीं दवा की कमी के चलते मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है। कई अस्पतालों में शौचालय तो कहीं पेयजल सरीखी बुनियादी सुविधाओं का संकट है।
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चार माह से टूटी पड़ी दीवार
चार माह पूर्व बरसात के मौसम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अग्रवाल मंडी टटीरी की दीवार गिर गई थी। बार-बार शिकायत करने के बाद भी इसका दोबारा निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे अस्पताल में आवारा पशु घुस जाते हैं। अस्पताल में उपचार के लिए आने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। केंद्र प्रभारी डॉ. मुकेश का कहना है कि अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, बजट मिलने पर दीवार का निर्माण कराया जाएगा।
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एंटी रैबिज इंजेक्शन के लिए चक्कर काट रहे लोग
बिनौली सीएचसी पर एक सप्ताह से एंटी रैबिज इंजेक्शन नहीं हैं। इसके चलते पीड़ितों को लौटना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को बिनौली सीएचसी पहुंचे दाहा के रणधीर कुमार, हजूराबाद गढ़ी के सुभाष, रंछाड़ के दिशा व अंजलि, चिरचिटा का सोनू ने बताया कि वह पांच दिन से इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल का चक्कर लगा रहे हैं। इंजेक्शन के अभाव में उन्हें लौटने के लिए विवश होना पड़ रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अतुल बंसल का कहना है कि वैक्सीन की डिमांड की गई है। वैक्सीन मिलते ही लोगों को टीका लगवाया जाएगा।
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शौचालय व पेयजल की व्यवस्था न होने से मरीज परेशान
बिजरौल गांव की पीएचसी पर चिकित्सक समय से नहीं पहुंचते हैं। पीएचसी पर दवा के साथ-साथ शौचालय और पेयजल की व्यवस्था नहीं है। जिससे मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। गांव के संजय व कालू जैन का कहना है कि एक फार्मासिस्ट के सहारे पीएचसी चल रही है। उन्होंने व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
समय पर नहीं पहुंचते चिकित्सक
बड़ागांव पीएचसी पर चिकित्सक समय पर नहीं पहुंचते हैं। इससे इलाज के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बृहस्पतिवार को 11 बजे तक भी पीएचसी पर चिकित्सक नहीं पहुंचे हैं।

वर्जन
अस्पतालों का निरीक्षण कर समय से न पहुंचने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एंटी रैबिज इंजेक्शन के लिए बड़ौत सीएचसी के एक कर्मचारी को लखनऊ भेजा जा रहा है। जिन अस्पतालों में शौचालय व पेयजल की समस्या है। ऐसे अस्पतालों में शौचालय निर्माण व पेयजल की व्यवस्था के लिए पत्र भेजा जाएगा।-डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ

बिजरौल गांव की पीएचसी में सुबह सवा दस बजे खाली पड़ी कुर्सी

बिजरौल गांव की पीएचसी में सुबह सवा दस बजे खाली पड़ी कुर्सी- फोटो : BAGHPAT

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