{"_id":"6aea38a98036efd6fe099f4f","slug":"head-council-releases-video-for-the-third-time-baghpat-news-c-28-1-bag1001-161741-2026-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: हेड कांस्टेबल ने तीसरी बार जारी किया वीडियो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: हेड कांस्टेबल ने तीसरी बार जारी किया वीडियो
विज्ञापन
-बोले, पुलिसकर्मियों की मौत से किसी को नहीं पड़ रहा फर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पुलिसकर्मियों की मौत होने के मामले में हेड कांस्टेबल ओमवीर सिंह राजपूत ने मंगलवार को तीसरा वीडियो जारी कर पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की मौत से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। पुलिसकर्मियों की मौत होने पर कोई भी अफसर बोलने को तैयार नहीं है।
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करने पर बिनौली थाने में तैनात हेड कांस्टेबल ओमवीर सिंह राजपूत को डेढ़ महीने पहले लाइन हाजिर कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस अफसरों ने उनकी काउंसिलिंग भी कराई। मंगलवार को उन्होंने तीसरी बार वीडियो जारी किया। उस वीडियो में उन्होंने कहा कि सही उपचार नहीं मिलने पर गोंडा में सिपाही की मौत हो गई। जबकि पारिवारिक परेशानी के कारण आगरा में महिला पुलिसकर्मी की मौत हो गई। परिवार के पास होते तो उनकी जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी कीड़े-मकोड़े की तरह मरते रहते हैं लेकिन किसी को कोई अफसोस नहीं होता और न ही कोई बोलता है।
एसपी पूर्णेंदु सिंह का कहना है कि सिपाही की पहले काउंसिलिंग कराई गई थी। अब वीडियो क्यों डाली गई है, इसको लेकर बात कराई जाएगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पुलिसकर्मियों की मौत होने के मामले में हेड कांस्टेबल ओमवीर सिंह राजपूत ने मंगलवार को तीसरा वीडियो जारी कर पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की मौत से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। पुलिसकर्मियों की मौत होने पर कोई भी अफसर बोलने को तैयार नहीं है।
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करने पर बिनौली थाने में तैनात हेड कांस्टेबल ओमवीर सिंह राजपूत को डेढ़ महीने पहले लाइन हाजिर कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस अफसरों ने उनकी काउंसिलिंग भी कराई। मंगलवार को उन्होंने तीसरी बार वीडियो जारी किया। उस वीडियो में उन्होंने कहा कि सही उपचार नहीं मिलने पर गोंडा में सिपाही की मौत हो गई। जबकि पारिवारिक परेशानी के कारण आगरा में महिला पुलिसकर्मी की मौत हो गई। परिवार के पास होते तो उनकी जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी कीड़े-मकोड़े की तरह मरते रहते हैं लेकिन किसी को कोई अफसोस नहीं होता और न ही कोई बोलता है।
विज्ञापन
एसपी पूर्णेंदु सिंह का कहना है कि सिपाही की पहले काउंसिलिंग कराई गई थी। अब वीडियो क्यों डाली गई है, इसको लेकर बात कराई जाएगी।