तब्बू का जन्मदिन: रोमांस से लेकर बोल्ड किरदार, फिर कॉमेडी-एक्शन तक; समय के साथ कैसे बदला अभिनेत्री का करियर?
- चर्चित अभिनत्री तब्बू आज 04 नवंबर को अपना जन्मदिन मना रही हैं।
- सिनेमा की दुनिया से वे पहली बार 40 साल पहले रूबरू हुई थीं।
- चार दशकों में उन्होंने हर तरह की फिल्में की हैं। वक्त के साथ किरदारों में बदलाव आता रहा है। जानिए उनके करियर के बारे में
विस्तार
अभिनेत्री तब्बू का आज जन्मदिन है। वे 55 वर्ष की हो गई हैं। सिनेमा की दुनिया में उनकी एंट्री 40 साल पहले हुई थी। इसका श्रेय देव आनंद को जाता है और उन्होंने ही अभिनेत्री को तब्बू नाम दिया। 1985 में देव आनंद की फिल्म 'हम नौजवान' से तब्बू ने सिनेमा में पहला कदम रखा। तब वे 14 वर्ष की थीं। फिर कुछ वर्षों के अंतराल के बाद 1991 में साउथ फिल्मों में काम किया। इसके बाद साल 1994 में 'विजयपथ' से उन्होंने हिंदी सिनेमा में मुख्य अभिनेत्री के तौर पर डेब्यू किया। इसमें उनके साथ अजय देवगन थे। तब से आज तक दो चीजें साथ चली आ रही हैं। अजय देवगन के साथ उनकी जबर्दस्त बॉन्डिंग, जो पर्दे पर भी जमती है। दूसरा, तब्बू के अभिनय का जादू। इतने वर्षों के करियर में तब्बू के किरदार किस तरह बदले? समझते हैं...
बचपन से अभिनय की तरफ रहा झुकाव
तब्बू का असली नाम तबस्सुम फातिमा हाशमी है। उनका जन्म 04 नवंबर 1971 को हैदराबाद में हुआ था। तब्बू का जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ। उनके पिता जमाल हाशमी और मां रिजवाना का तलाक हो गया था, इसलिए उन्हें अपनी मां और नाना-नानी ने पाला। उनकी बड़ी बहन फराह नाज भी अभिनेत्री हैं। शबाना आजमी, तब्बू की मौसी हैं। बचपन से ही तब्बू का झुकाव फिल्मों की तरफ रहा। वे किरदारों को सिर्फ निभाती नहीं, बल्कि ऐसा लगता है कि उन्हें जीती हैं। रोमांटिक रोल हो, कॉमेडी या फिर कोई गंभीर भूमिका...तब्बू उसमें ढल जाती हैं।
पहली फिल्म के लिए झटका अवॉर्ड
तब्बू ने जब 14 की उम्र में 'हम नौजवान' में काम किया, तभी यह जता दिया कि वह लंबी पारी खेलेंगी। इतनी छोटी-सी उम्र में उन्होंने फिल्म में एक दुष्कर्म पीड़िता का किरदार निभाया। इस किरदार से तब्बू ने दर्शकों को अंदर तक झकझोर दिया और अपना मुरीद बना लिया। बतौर लीड एक्ट्रेस उनकी शुरुआत 1991 में तेलुगु फिल्म 'कुली नंबर 1' से हुई। यह सुपरहिट रही। 1994 में वो 'विजयपथ' फिल्म में आईं। इसमें अजय देवगन के साथ काम किया। हिंदी सिनेमा में डेब्यू के साथ ही तब्बू ने बेस्ट फीमेल डेब्यू अवॉर्ड अपने नाम कर लिया।
90 के दशक में बनीं दिलों की धड़कन
1990 के दशक में तब्बू के करियर की बात करें तो वह रोमांटिक फिल्मों का दौर था। पर्दे पर रोमांस करती और हीरो के साथ डांस करती हीरोइन के रूप में तब्बू ने खूब धमाका किया।
90 के दशक में तब्बू को शुरुआत में पारंपरिक कमर्शियल रोल मिले। इनमें उन्हें गानों में डांस करना और हीरो के साथ रोमांस करना होता था।
उस दौर की फिल्मों में तब्बू ने 'जीत', 'साजन चले ससुराल', 'बॉर्डर' और 'हकीकत जैसी फिल्मों से अच्छी पहचान बनाई।
साल 1996 तब्बू के करियर में बड़ा बदलाव लेकर आया। फिल्म 'माचिस' आई। 90 के दशक की फिल्मों में तब्बू के करियर की हाइलाइट्स में 'माचिस' शामिल है। गुलजार निर्देशित 'माचिस' में के लिए तब्बू ने पहला नेशनल अवॉर्ड जीता। इस फिल्म के जरिए तब्बू ने साबित कर दिया कि वे सिर्फ हीरो के साथ ठुमके लगाने वाली अभिनेत्री नहीं हैं।
इसके बाद 'विरासत' (1997) और 'हु तू तू' (1999) में उनकी अदाकारी दिखी।
1999 में आई 'हम साथ साथ हैं' को कैसे भूला जा सकता है? इस पारिवारिक फिल्म में भी तब्बू की भूमिका खूब पसंद की गई।
2000 के दशक में आर्ट सिनेमा की तरफ बढ़े कदम
वक्त के साथ सिनेमा में बदलाव आता है। किरदार भी बदलते हैं। असली कलाकार वही है, जो बदलाव के बाद भी अपनी प्रासंगिकता बनाए रखे। इस मामले में तब्बू का मुकाबला नहीं। साल 2000 से 2010 के दशक में तब्बू ने कमर्शियल और आर्ट सिनेमा दोनों को साधा। उन्होंने लीक से हटकर कुछ बोल्ड और गंभीर किरदार किए।
- 2000 में फिल्म 'अस्तित्व' में अपने किरदार के लिए तारीफें लूटी।
- 2001 में तब्बू ने मधुर भंडारकर की 'चांदनी बार' में एक बार डांसर और बेबस मां का रोल किया। इसके लिए उन्हें दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
- 2003 में विशाल भारद्वाज की 'मकबूल' उनका ग्रे-शेड रोल उनके शानदार किरदारों में शामिल है।
- 2000 के दशक में ही तब्बू ने कॉमेडी में भी हाथ आजमाया और दिखा दिया की बारी जब हंसाने की हो तब भी वे पीछे नहीं। उन्होंने साल 2000 में प्रियदर्शन की 'हेरा फेरी' में काम किया।
- 2006 में काजोल-आमिर खान की 'फना' जैसी कमर्शियल फिल्म में भी अहम भूमिका निभाई।
- 2007 में अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म 'चीनी कम' में उन्होंने अपनी उम्र से बड़े शख्स से प्यार करने वाली एक स्वतंत्र विचारों की महिला का अनोखा किरदार निभाया।
इंटरनेशनल स्तर पर बनाई पहचान
तब्बू के करियर में 2000 का दशक इसलिए भी याद किया जा सकता है कि उन्होंने हॉलीवुड की तरफ भी कदम बढ़ाए। उन्होंने फिल्म 'द नेमसेक' (2006) में बेहतरीन अदाकारी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तारीफ बटोरी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि इस दशक में उन्होंने करियर चुनने के मामले में कुछ रिस्क लिए। उन्होंने स्वतंत्र और बोल्ड किरदार चुने।
2010 के बाद भी सिनेमा की धमक जारी
40 और 50 की उम्र में जहां अभिनेत्रियों के पास किरदारों की कमी हो जाती है या पसंदीदा भूमिकाएं नहीं मिलती, वहीं तब्बू का जलवा अब भी कायम है। 2010 के दशक के बाद तब्बू के खाते में कुछ अनोखे किरदार आए। उन्होंने एक्शन में भी दम दिखाया।
2014 में 'हैदर' में उनका 'गजाला' का किरदार काफी पसंद किया गया। इस रोल के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला।
2015 में शुरू हुई 'दृश्यम' फ्रैंचाइजी में तब्बू ने जान फूंकी। 2022 में इसकी दूसरी किस्त आई और इस साल तीसरी। तीनों पार्ट में तब्बू मजबूत कड़ी साबित हुईं।
2017 में रोहित शेट्टी की हॉरर-कॉमेडी 'गोलमाल अगेन' में उन्होंने भूतों से बात करने वाली महिला का रोल किया।
2018 में कल्ट-क्लासिक फिल्म 'अंधाधुन' में 'सिमी' के रूप में ग्रे-शेड रोल में दिखीं।
कोविड 19 के बाद बड़े पर्दे पर धमाल
- साल 2022 में 'भूल भुलैया 2' में उन्होंने 'अंजुलिका' और 'मंजुलिका' का डबल रोल कर तारीफें बटोरीं। इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस (क्रिटिक्स) का पुरस्कार मिला।
- 2024 में आई 'क्रू' को इस कड़ी में नहीं भूला जा सकता है। इसमें तब्बू ने करीना कपूर और कृति सेनन के साथ मिलकर एयरहोस्टेस का मजेदार रोल किया। महिलाओं के कंधे पर टिकी यह फिल्म हिट साबित हुई।
- इस साल यानी 2026 में 'दृश्यम 3' में उनके किरदार की हर कोई तारीफ कर रहा है।
- तब्बू के वर्क फ्रंट की बात करें तो उनकी आगामी फिल्म 'किंग 100' है।
- इसमें वे नागार्जुन के साथ नजर आएंगी।