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घर-घर सर्वे कर बनाए जाएंगे गोल्डन कार्ड
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- यूआईडीएआई कंपनी से हुआ शासन का करार, घर-घर पहुंचेंगे एजेंट
- एक कार्ड के लिए आवेदक को अदा करने होंगे 30 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। गोल्डन कार्ड बनाने में तेजी लाने के लिए शासन ने पैन कार्ड बनाने वाली कंपनी यूआईडीएआई से करार किया है। कंपनी के एजेंट घर-घर जाकर पात्रों का सर्वे कर उनके गोल्डन कार्ड बनाएंगे। इसके लिए आवेदक को प्रति कार्ड कंपनी के एजेंट को 30 रुपये अदा करने होंगे। गोल्डन कार्ड बनाने के लिए कंपनी ने सात एजेंसी को हायर किया है।
वर्ष 2018 में शुरू हुई आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले में 45 हजार 23 परिवारों के दो लाख 25 हजार 115 गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके अलावा वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के अंतर्गत 774 परिवारों के 3870 लोगों के भी गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लक्ष्य के सापेक्ष दो वर्ष में जिले में 22 हजार 32 परिवारों के 70 हजार 366 गोल्डन कार्ड ही बन सके है। गोल्डन कार्ड बनाने में प्रदेश में प्रथम स्थान पर होने के बावजूद अभी तक 48 प्रतिशत ही कार्य हुआ है। 52 प्रतिशत परिवार ऐसे चिह्नित किए गए है, जिनके एक भी सदस्य का अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बना है। गोल्डन कार्ड बनाने में तेजी लाने के लिए शासन ने पैन कार्ड बनाने वाली यूआईडीएआई कंपनी से करार किया है।
अब तक 3276 ने कराया इलाज
बागपत। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले में 3276 पात्रों ने अपना इलाज कराया है। उनके इलाज पर तीन करोड़ 58 लाख रुपये की राशि खर्च की गई है।
गोल्डन कार्ड बनाने में तेजी लाने के लिए पैन कार्ड बनाने वाली कंपनी यूआईडीएआई से करार किया गया है। कंपनी ने कार्ड बनाने के लिए सात एजेंसी को हायर किया है। एजेंसी के एजेंट घर-घर का सर्वे कर पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाएंगे। - अभिषेक राणा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक।
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- एक कार्ड के लिए आवेदक को अदा करने होंगे 30 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। गोल्डन कार्ड बनाने में तेजी लाने के लिए शासन ने पैन कार्ड बनाने वाली कंपनी यूआईडीएआई से करार किया है। कंपनी के एजेंट घर-घर जाकर पात्रों का सर्वे कर उनके गोल्डन कार्ड बनाएंगे। इसके लिए आवेदक को प्रति कार्ड कंपनी के एजेंट को 30 रुपये अदा करने होंगे। गोल्डन कार्ड बनाने के लिए कंपनी ने सात एजेंसी को हायर किया है।
वर्ष 2018 में शुरू हुई आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले में 45 हजार 23 परिवारों के दो लाख 25 हजार 115 गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके अलावा वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के अंतर्गत 774 परिवारों के 3870 लोगों के भी गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लक्ष्य के सापेक्ष दो वर्ष में जिले में 22 हजार 32 परिवारों के 70 हजार 366 गोल्डन कार्ड ही बन सके है। गोल्डन कार्ड बनाने में प्रदेश में प्रथम स्थान पर होने के बावजूद अभी तक 48 प्रतिशत ही कार्य हुआ है। 52 प्रतिशत परिवार ऐसे चिह्नित किए गए है, जिनके एक भी सदस्य का अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बना है। गोल्डन कार्ड बनाने में तेजी लाने के लिए शासन ने पैन कार्ड बनाने वाली यूआईडीएआई कंपनी से करार किया है।
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अब तक 3276 ने कराया इलाज
बागपत। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले में 3276 पात्रों ने अपना इलाज कराया है। उनके इलाज पर तीन करोड़ 58 लाख रुपये की राशि खर्च की गई है।
गोल्डन कार्ड बनाने में तेजी लाने के लिए पैन कार्ड बनाने वाली कंपनी यूआईडीएआई से करार किया गया है। कंपनी ने कार्ड बनाने के लिए सात एजेंसी को हायर किया है। एजेंसी के एजेंट घर-घर का सर्वे कर पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाएंगे। - अभिषेक राणा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक।
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