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भांजी के जन्म पर शुरू की पहल, तीज की कोथली में बहन को भेजा 101 पौधों का तोहफा, लिया ये संकल्प

Fri, 17 Jul 2020 12:41 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Fri, 17 Jul 2020 12:41 PM IST
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Baghpat News: Gift of 101 plants to sister on birth of niece and sister of Teej
बहन को पौधे भेंट करते दीपक शर्मा - फोटो : अमर उजाला

बहन-भाई का प्यार अटूट होता है। एक-दूसरे को दिए गए तोहफे जिंदगी भर की याद बन जाते हैं। बागपत में ट्योढ़ी गांव के युवा दीपक शर्मा ने भांजी के जन्म और हरियाली तीज पर इस बार नई पहल की है। बहन की कोथली में 101 विभिन्न प्रजातियों के पौधे भी दिए। प्रकृति बचाने का संकल्प दिलाया। पौधरोपण का आह्वान किया।

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दीपक शर्मा दिल्ली विश्वविद्यालय में डेटा साइंटिस्ट हैं। वह डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस इकोनॉमिक्स में सोशल क्लब के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने बताया कि नोएडा में रह रही बहन आशा शर्मा और बहनोई अक्षय शर्मा के घर बेटी का जन्म हुआ। सामाजिक परंपरा के अनुसार भांजी के जन्म पर कोथली में बहन को उपहार दिए जाने की परंपरा है। इसके अलावा हरियाली तीज का पर्व भी नजदीक था। ऐसे में लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने और उपहार में पौधे देने का मन हुआ। अमेरिका में रह रहे भाई डॉ. रामकरण शर्मा और परिवार के बुजुर्गों ने सहमति दी। इसके बाद बहन की कोथली में 101 पौधे खरीदकर गिफ्ट किए गए। पौधे देखकर बहन की ससुरालियों ने भी खुशी जताई और पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया। मोहल्ले में पौधों का वितरण कर प्रकृति बचाने का संदेश दिया।
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महंगे उपहार नहीं पौधों से बचेगी प्रकृति
बागपत जिले का नाम रोशन करने वाले ट्योढ़ी गांव निवासी वैज्ञानिक डॉ. रामकरण शर्मा का कहना है कि शादी ब्याह और बच्चों के पैदा होने से लेकर हर शुभ कार्य में हर व्यक्ति अपनी हैसियत के अनुसार महंगे तोहफे देता है। वर्तमान के लिए यह जरूरी है कि उपहार आपकी सामाजिक हैसियत नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता को दिखाने वाले हों। पौधरोपण नहीं करोगे तो प्रकृति कैसे बचेगी। बच्चों को कैसे पता चलेंगी पौधों की प्रजातियां। जरूरी यह है कि लुप्त होती जा रही प्रजातियों के पौधे अधिक से अधिक दिए जाएं। यह सस्ते भी होते हैं और यादगार भी।

इस तरह मिली प्रेरणा
ऑनलाइन सेमिनार में बड़ौत के डॉ. दिनेश बंसल और दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. कपिल शर्मा ने युवाओं को कॅरियर टिप्स के साथ-साथ पर्यावरण रक्षा की बात कही थी। यहीं से दीपक शर्मा को प्रेरणा मिली और पौधे बचाने का संकल्प लिया।

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