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सांकरौद में रेत खनन रास्ते को लेकर धरने पर बैठे किसान, भारी पुलिस बल और राजस्व अधिकारी पहुंचे मौके पर, विधायक योगेश धामा ने मौके

Sat, 11 Dec 2021 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Dec 2021 11:24 PM IST
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Farmers came in protest against the arbitrariness of the mining contractor
बागपत ::::::::सांकरौद गांव यमुना खादर में रेत खनन के लिए रास्ता बनाने के विरोध में धरना देते किसान। - फोटो : KAHKRA
खेकड़ा। क्षेत्र के ग्राम सांकरौद से यमुना खादर से रेत ढोने के लिए रास्ते को लेकर शनिवार को विवाद हो गया। किसानों ने ठेकेदार द्वारा खेतों से जबरन रास्ता बनाने के विरोध में धरना शुरू कर दिया। तहसील टीम ने मौके पर पहुंचकर माप की तो वह चकरौड नहीं मिली। क्षेत्रीय विधायक योगेश धामा ने आंदोलित किसानों के बीच पहुंचकर धरने को समर्थन दिया। वहीं, डीएम से किसानों का शोषण न होने देने की मांग की।
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गांव सांकरौद के पश्चिम से यमुना गुजर रही है। उससे किसानों के खेत सटे हैं। उनमें ईख खड़ी है। वहीं, शासन ने यमुना नदी से रेत खनन का ठेका छोड़ा हुआ है। इसके चलते ठेकेदार ने शनिवार को तहसील प्रशासन के सहयोग से किसानों के खेतों से रास्ता बनवाने का प्रयास किया। इस पर किसानों ने हंगामा कर दिया। एसडीएम से जानकारी पाकर सीओ युवराज सिंह व कोतवाली प्रभारी देवेश शर्मा पुलिसकर्मियो को लेकर पहुंचे। इसके बाद लेखपालों के प्रयास के बावजूद सिजरे में चकरोड नहीं मिली। इसके बावजूद ठेकेदार रास्ता बनवाने के लिए जेसीबी लेकर पहुंचा।
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इससे गुस्साए किसान जेसीबी व ठेकेदार को दौड़ाकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि वे अपने रास्ते से रेत लदे वाहन नहीं गुजरने जाने दंगे। भाजपा के क्षेत्रीय विधायक योगेश धामा भी पहुंच गए। उन्होंने डीएम राजकमल यादव को स्थिति से अवगत कराया। विधायक ने किसानों को उनके खेतों से रास्ता न निकलने देने का आश्वासन दिया। धरना देने वाले किसानों में देवेंद्र धामा, कृष्ण कुमार, राहुल धामा, प्रवीण धामा, राजू, रामकृपाल, रवींद्र, कुलदीप, जगपाल, कालू, रणसिंह, कर्णवीर, नरेश, शैलेंद्र, पप्पू, शिवकुमार, धर्मपाल आदि मौजूद रहे।
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वहीं, एसडीएम अजय कुमार का कहना है कि सिजरे में चकरोड नहीं है। ठेकेदार-किसानों की सहमति से रास्ते का प्रयोग कर सकता है। उसके लिए अलग से रास्ता नहीं बनवाया जाएगा।
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