फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Exclusive: Playing with the future of 11 thousand students in more than 150 unrecognized schools

एक्सक्लूसिव: बिना मान्यता वाले 150 से ज्यादा स्कूलों में 11 हजार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ 

Sun, 08 May 2022 04:03 PM IST
Dimple Sirohi अंकित चौहान, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अंकित चौहान, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 08 May 2022 04:03 PM IST
सार

कक्षा एक से बारहवीं तक के स्कूल शामिल, बीएसए व जिला विद्यालय निरीक्षक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। वर्ष 2019 में शिक्षा विभाग की जांच में 250 से ज्यादा स्कूल बिना मान्यता के चलते मिले थे।इन स्कूलों में करीब 60 बंद हो गए, जबकि 20 को दी गई मान्यता, अन्य अभी भी बिना मान्यता के चल रहे हैं। 
 

विज्ञापन
Exclusive: Playing with the future of 11 thousand students in more than 150 unrecognized schools
जांच करती टीम - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बागत में अचमरावल के रॉयल कान्वेंट स्कूल में यूकेजी के छात्र आयुष की मौत के बाद स्कूलों की मान्यता को लेकर सवाल खड़े हुए तो डीएम राजकमल यादव ने 50 से ज्यादा टीमें गठित कर जांच शुरू करा दी। इन टीमों की जांच में सामने आया है कि बिना मान्यता के 150 से ज्यादा स्कूल चल रहे हैं, जिनमें करीब 11 हजार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। इनमें कक्षा एक से बारहवीं तक के स्कूल शामिल है। स्कूल संचालित होने पर बीएसए और जिला विद्यालय निरीक्षक की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। 

विज्ञापन


वर्ष 2019 में शिक्षा विभाग ने जांच कराई थी। बिना मान्यता के करीब 250 स्कूल चलते मिले थे। तब शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू की तो इनमें से करीब 60 स्कूल बंद कर दिए गए। साथ ही कई स्कूलों ने मान्यता लेने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी।
विज्ञापन


इनमें से करीब 20 स्कूलों को मान्यता मिल गई। शिक्षा विभाग की सख्ताई कम हुई तो अन्य स्कूल ऐसे ही बिना मान्यता के संचालित होते रहे। इसके बाद अधिकारी बदलते रहे और बीएसए व जिला विद्यालय निरीक्षक ने कभी अपने कार्यालय से बाहर निकलकर स्कूलों का निरीक्षण करने की जरूरत नहीं समझी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: भीषण हादसे की तस्वीरें: पटाखा फैक्टरी में धमाका होते ही दहल गया इलाका, चंद मिनटों में मौत की नींद सो गई पांच जिंदगी

छपरौली व पिलाना में मिले थे बिना मान्यता के सबसे ज्यादा स्कूल
शिक्षा विभाग ने तीन साल पहले जब निरीक्षण शुरू कराया था। छपरौली ब्लॉक में सबसे ज्यादा बिना मान्यता के 56 स्कूल संचालित होते मिले थे। पिलाना ब्लॉक में 52, बड़ौत ब्लॉक में 41 स्कूल, बिनौली ब्लॉक में 38 और बागपत ब्लॉक में 37 स्कूल बिना मान्यता संचालित हो रहे थे। खेकड़ा ब्लॉक में 33 स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे थे। 

11 हजार से ज्यादा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
इस वक्त 150 से ज्यादा स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। इनमें करीब 11 हजार छात्रों को पढ़ाया जा रहा है। इन स्कूलों में सबसे बड़ा खेल यह किया जा रहा है कि किसी के पास एक भी कक्षा की मान्यता नहीं है, जबकि उसने अपने सभी छात्रों का एडमिशन आसपास के दूसरे स्कूल में दिखाया हुआ है।

किसी ने कक्षा छह से आठवीं की मान्यता लेकर 12वीं तक कक्षाएं संचालित की हुई है। मान्यता से अलग चलाई जा रही कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का एडमिशन किसी अन्य स्कूल में दिखाया गया है।

स्कूलों का निरीक्षण शुरू हो चुका है। यह निरीक्षण हर गांव में किया जा रहा है। बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर जुर्माना लगाने के साथ ही सील लगाई जाएगी और उनके संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। - राजकमल यादव, जिलाधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed