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UP: बागपत में मार दिए बुजुर्ग, लखनऊ में हुए जिंदा, भटककर हारे- अब सबूत देकर शुरू कराई पेंशन

Fri, 28 Nov 2025 01:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Fri, 28 Nov 2025 01:40 AM IST
सार

बागपत जनपद के जिन चार बुजुर्गों को बागपत में मरा हुआ दिखाया गया था, वह एक साल बाद लखनऊ में जिंदा हो गए।

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Elderly man killed in Baghpat, revived in Lucknow
बागपत में मार दिए बुजुर्ग, लखनऊ में हुए जिंदा की खबर से संबंधित फोटो। प्रकाशचंद - फोटो : samvad

विस्तार

बागपत जनपद के जिन चार बुजुर्गों को बागपत में मरा हुआ दिखाया गया था, वह एक साल बाद लखनऊ में जिंदा हो गए। ट्योढी, फतेहपुर पुट्ठी, हेवा, बड़ौली के इन बुजुर्गों को लखनऊ तक सबूत देने पड़े तो इनको कागजों में जिंदा किया गया। अब इन सभी की पेंशन शुरू हो गई।

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पेंशन के पात्रों का हर साल सचिवों से सत्यापन कराया जाता है और पिछले साल इन गांवों के चार बुजुर्गों को सचिव ने मृतक बताकर रिपोर्ट भेजी थी। उनकी पेंशन कई महीने तक नहीं आई तो वह समाज कल्याण विभाग के कार्यालय पहुंचे। वहां उनको कागजों में मृतक दिखाए जाने का पता चला। उसके बाद से एक साल तक वह अधिकारियों के कार्यालयों में भटकते रहे।
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समाज कल्याण विभाग का एसडीएम ज्योति शर्मा को चार्ज मिला तो दस दिन पहले चारों बजुर्गों के जिंदा होने के सबूत के साथ रिपोर्ट लखनऊ भेजी गई। वहां से अब सभी को जिंदा मानते हुए पेंशन शुरू की गई। एक साल बाद पेंशन शुरू होने से बुजुर्गों को बड़ी राहत मिली है।

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पति के बाद पेंशन थी सहारा तो अन्य का इससे हो रहा था गुजारा
हेवा गांव की बेदो के पति मलखान की 16 साल पहले मृत्यु होने पर पेंशन से सहारा मिल रहा था मगर इनकी भी पेंशन पिछले साल ही बंद कराई गई। शाहपुर बड़ौली गांव के छंगे की स्थिति भी यही थी। इनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने पर पेंशन से काफी सहारा मिलता था। इनकी पेंशन भी एक साल बंद की गई थी।

ट्योढ़ी गांव के प्रकाशचंद को तीन साल पहले वृद्धावस्था पेंशन मिलनी शुरू हुई थी। इनको मृतक बताकर अक्तूबर 24 से पेंशन रुकवा दी गई थी। फतेहपुर पुट्ठी की रामकली की पांच साल पहले पेंशन शुरू हुई और इनको भी एक साल से पेंशन नहीं मिली।



सचिवों के खिलाफ कार्रवाई होगी
इस पूरे मामले में सचिवों की लापरवाही सामने आई है। इसलिए ही सचिवों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र सीडीओ को भेजा गया। सचिवों के खिलाफ जल्द जांच कराकर विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा गया है।

जिन बुजुर्गों को मृतक दिखाकर पेंशन बंद की गई थी, उनकी पेंशन लखनऊ से शुरू करा दी गई है। इनके अलावा भी किसी को पेंशन से संबंधित कोई समस्या होती है तो वह मुझसे आकर मिल सकते हैं, उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। - ज्योति शर्मा, एसडीएम

बागपत में मार दिए बुजुर्ग, लखनऊ में हुए जिंदा की खबर से संबंधित फोटो। प्रकाशचंद

बागपत में मार दिए बुजुर्ग, लखनऊ में हुए जिंदा की खबर से संबंधित फोटो। प्रकाशचंद- फोटो : samvad

 

बागपत में मार दिए बुजुर्ग, लखनऊ में हुए जिंदा की खबर से संबंधित फोटो। प्रकाशचंद

बागपत में मार दिए बुजुर्ग, लखनऊ में हुए जिंदा की खबर से संबंधित फोटो। प्रकाशचंद- फोटो : samvad

 

बागपत में मार दिए बुजुर्ग, लखनऊ में हुए जिंदा की खबर से संबंधित फोटो। प्रकाशचंद

बागपत में मार दिए बुजुर्ग, लखनऊ में हुए जिंदा की खबर से संबंधित फोटो। प्रकाशचंद- फोटो : samvad

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