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Baghpat News: पूर्वी यमुना नहर सूखी, गेहूं बुवाई से पिछड़े 31 हजार किसान

Wed, 20 Nov 2024 12:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Wed, 20 Nov 2024 12:42 AM IST
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Eastern Yamuna canal dried up, 31 thousand farmers lagged behind in wheat sowing
बागपत, बड़ौत। पूर्वी यमुना नहर में कांधला में मरम्मत व भैंसवाल में नहर के नीचे बड़े नाले का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस कारण बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली और गाजियाबाद क्षेत्र में पूर्वी यमुना नहर और इससे जुड़े रजबहों व माइनरों में डेढ़ माह से पानी नहीं है। इन पांच जिलों के करीब 31 हजार से अधिक किसानों की गेहूं की बुवाई पिछड़ गई है।
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- यहां से गुजरती है पूर्वी यमुना नहर

सिंचाई विभाग के अफसरों के अनुसार हथनीकुंड बैराज से दो नहर निकलती हैं। एक पश्चिमी यमुना नहर है, जो हरियाणा से होकर जाती है और दिल्ली में यमुना नदी में मिलती है। दूसरी पूर्वी यमुना नहर है। इसमें देवबंद ब्रांच से पुरकाजी में भी गंगनहर का पानी छोड़ा जाता है। यह सहारनपुर, शामली, बागपत, खेकड़ा होते हुए गाजियाबाद में निकलकर दिल्ली में पहुंचती है। इसके बाद इसका पानी भी यमुना में गिरता है। इसके अतिरिक्त पूर्वी यमुना नहर मुजफ्फरनगर के कल्लरपुर-लोई-लालूखेड़ी माइनर में भी इस नहर से पानी आता है। इस माइनर से मुजफ्फरनगर जिले के करीब 50 गांवों के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं।
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- समय पर गेहूं बुवाई न होने पर उत्पादन पर पड़ता है 25 फीसदी प्रभाव
सेवानिवृत एडीओ कृषि नरेश कुमार का कहना है कि गेहूं बुवाई का उचित समय 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक है। समय पर बुवाई करने पर अच्छा पैदावार होती है, लेकिन इसके उपरांत गेहूं की बुवाई करने पर उत्पादन पर 25 फीसदी तक प्रभाव पड़ता है। उधर, सिंचाई विभाग के अफसराें के अनुसार नवंबर के पूरे माह में नहर के सूखे रहने की उम्मीद है।
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- अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
पूर्व जिला पंचायत सदस्य व भाकियू नेता राजेंद्र प्रधान का कहना है कि हर साल पूर्वी यमुना नहर में गन्ना व गेहूं बुवाई के समय पानी नहीं छोड़ा जाता। इस कारण किसान परेशान रहते है। कई बार डीएम, सिंचाई विभाग और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जाती है। इसके बावजूद कुछ नहीं हो रहा है। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नहर में पानी नहीं आया तो सिंचाई विभाग कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा।


- पूर्वी यमुना नहर के सहारे इतने किसानों के खेतों में होती है सिंचाई


जिले का नाम कुल किसान गेहूं बुवाई करने वाले किसानों की संख्या
बागपत 16000 4500

शामली 21500 7245

सहारनपुर 36000 10522

मुजफ्फरनगर 17000 5212

गाजियाबाद 10500 3180

- वर्जन

पानी छुड़वाने का प्रयास किया जा रहा है

देवबंद ब्रांच से पूर्वी यमुना नहर में पानी आता है। इस समय जहां कांधला में पूर्वी यमुना नहर में आंतरिक मरम्मत का कार्य चल रहा है। वहीं भैंसवाल में पूर्वी यमुना नहर के नीचे से एक बड़ा नाला निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस कारण नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है। उम्मीद है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा। - मुकेश कुमार देव, एक्सईएन सिंचाई विभाग
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