{"_id":"624f25fa1e2be6789a157694","slug":"earlier-samples-had-to-be-sent-to-noida-now-corona-test-lab-was-created-in-baghpat-baghpat-news-mrt583601140","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले नोएडा भेजने पड़ते थे सैंपल, अब बागपत में कोरोना जांच लैब बनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले नोएडा भेजने पड़ते थे सैंपल, अब बागपत में कोरोना जांच लैब बनाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। जनपद में पहले कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए नोएडा व मेरठ सैंपल भेजने पड़ते थे। अब जिले में ही कोरोना जांच लैब बना दी गई है। यह लैब पिछले साल के आखिर में शुरू की गई और इसके बाद कोरोना की जांच रिपोर्ट केवल 12 घंटे में मिल जाती है। पहले नोएडा सैंपल भेजने में जांच रिपोर्ट आने में तीन दिन का समय लग जाता था।
जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए कोई लैब नहीं थी। इसलिए यहां से सैंपल शुरूआत में मेरठ भेजे जाते थे। वहां भी ज्यादा सैंपल आने पर नोएडा भेजा जाने लगा। मेरठ से जांच रिपोर्ट दो दिन में आती थी तो नोएडा से रिपोर्ट आने में तीन दिन लगते थे। जब कोरोना पीक पर आया तो जांच रिपोर्ट आने में पांच दिन का समय भी लगा। इसे देखते हुए ही स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की आरटीपीसीआर जांच लैब को अपने जिले में शुरू करने का फैसला लिया। उसके लिए प्रस्ताव भेजा गया और सरूरपुर सीएचसी में जगह चिह्नित की गई। मंजूरी मिलने पर लैब शुरू करने की प्रक्रिया की गई। पिछले साल के आखिर में लैब शुरू कर दी गई। इतीसरी लहर में कोरोना की जांच सरूरपुर लैब में की गई। हालांकि तब केवल 200 सैंपल की जांच हो रही थी, लेकिन अब वहां 500 सैंपल की रोजाना जांच हो सकती है। इस तरह कोरोना को देखते हुए अपने संसाधन तैयार किए गए।
सरूरपुर में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच लैब शुरू हो चुकी है। 200 सैंपल की रोजाना जांच कर सकते थे, जो अब 500 तक हो सकते है। पहले नोएडा में सैंपल भेजने पड़ते थे, लेकिन अब सैंपल बाहर भेजने की जरूरत नहीं है। डा. दिनेश कुमार, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए कोई लैब नहीं थी। इसलिए यहां से सैंपल शुरूआत में मेरठ भेजे जाते थे। वहां भी ज्यादा सैंपल आने पर नोएडा भेजा जाने लगा। मेरठ से जांच रिपोर्ट दो दिन में आती थी तो नोएडा से रिपोर्ट आने में तीन दिन लगते थे। जब कोरोना पीक पर आया तो जांच रिपोर्ट आने में पांच दिन का समय भी लगा। इसे देखते हुए ही स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की आरटीपीसीआर जांच लैब को अपने जिले में शुरू करने का फैसला लिया। उसके लिए प्रस्ताव भेजा गया और सरूरपुर सीएचसी में जगह चिह्नित की गई। मंजूरी मिलने पर लैब शुरू करने की प्रक्रिया की गई। पिछले साल के आखिर में लैब शुरू कर दी गई। इतीसरी लहर में कोरोना की जांच सरूरपुर लैब में की गई। हालांकि तब केवल 200 सैंपल की जांच हो रही थी, लेकिन अब वहां 500 सैंपल की रोजाना जांच हो सकती है। इस तरह कोरोना को देखते हुए अपने संसाधन तैयार किए गए।
विज्ञापन
सरूरपुर में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच लैब शुरू हो चुकी है। 200 सैंपल की रोजाना जांच कर सकते थे, जो अब 500 तक हो सकते है। पहले नोएडा में सैंपल भेजने पड़ते थे, लेकिन अब सैंपल बाहर भेजने की जरूरत नहीं है। डा. दिनेश कुमार, सीएमओ
विज्ञापन