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शिक्षक भर्ती की जांच उच्च न्यायालय के न्यायधीश से कराने की मांग
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बागपत कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता।
- फोटो : BAGHPAT
शिक्षक भर्ती की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग
बागपत। कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेसियों ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इसमें प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती व पशुपालन विभाग में हुए घोटाले की जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की।
उन्होंने कहा प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी के बावजूद शिक्षक भर्ती के 69 हजार पद घोटाले की भेंट चढ़ गए हैं। प्रदेश के लाखों युवा प्रतियोगिता परीक्षाएं देकर नौकरी का इंतजार करते रहते हैं। सरकार की भ्रष्ट व्यवस्था के कारण अधिकांश भर्तियां कोर्ट में लटक जाती है या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है। कहा कि हाल में 69 शिक्षक भर्ती व पशुपालन विभाग में भ्रष्टाचार हुआ है। इसमें सरकार के कई नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। उन्होंने डीएम को राज्यपाल के नाम दिए ज्ञापन में घोटाले में लिप्त विभाग के मंत्रियों को बर्खास्त करने व उनके प्रतिनिधियों को गिरफ्तार करने तथा पूरे प्रकरण की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग की। इसके अलावा प्रदेश में हुए पीडीएस, जूता-मोजा घोटाला व डीएचएलएफ घोटालों की न्यायिक जांच कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष डॉ यूनुस चौधरी, सत्यपाल सिंह, डॉ. राजीव नैन, विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एडवोकेट हेमंत, अख्तर चौधरी आदि मौजूद रहे।
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बागपत। कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेसियों ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इसमें प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती व पशुपालन विभाग में हुए घोटाले की जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की।
उन्होंने कहा प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी के बावजूद शिक्षक भर्ती के 69 हजार पद घोटाले की भेंट चढ़ गए हैं। प्रदेश के लाखों युवा प्रतियोगिता परीक्षाएं देकर नौकरी का इंतजार करते रहते हैं। सरकार की भ्रष्ट व्यवस्था के कारण अधिकांश भर्तियां कोर्ट में लटक जाती है या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है। कहा कि हाल में 69 शिक्षक भर्ती व पशुपालन विभाग में भ्रष्टाचार हुआ है। इसमें सरकार के कई नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। उन्होंने डीएम को राज्यपाल के नाम दिए ज्ञापन में घोटाले में लिप्त विभाग के मंत्रियों को बर्खास्त करने व उनके प्रतिनिधियों को गिरफ्तार करने तथा पूरे प्रकरण की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग की। इसके अलावा प्रदेश में हुए पीडीएस, जूता-मोजा घोटाला व डीएचएलएफ घोटालों की न्यायिक जांच कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष डॉ यूनुस चौधरी, सत्यपाल सिंह, डॉ. राजीव नैन, विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एडवोकेट हेमंत, अख्तर चौधरी आदि मौजूद रहे।
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