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सिम विक्रेता पर कसा जा सकता है शिकंजा
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 07 Aug 2016 02:21 AM IST
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बागपत। डेढ़ करोड़ की फिरौती के लिए आर्यन की अपहरण कर हुई हत्या के मामले में मोबाइल सिम विक्रेताओं पर कार्रवाई हो सकती है। पुलिस सूत्रों की माने तो अफसर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी में हैं।
आर्यन का अपहरण कर जिस मोबाइल नंबर से बदमाशों ने फिरौती मांगी थी। पुलिस ने सर्विलांस के आधार पर उसका पता लगा लिया था। पता चला था कि मोबाइल नंबर, बिहार राज्य के किसी की आईडी पर है। इसे गाजियाबाद से जून माह में खरीदा गया है।
इसी के आधार पर पुलिस सिम विक्रेता और डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंच गई थी। पुलिस उनको अपने साथ ले आई थी। पुलिस तभी से ही उनसे पूछताछ कर रही है।
पुलिस पूछताछ के आधार पर फिरौती मांगने वालों तक पहुंचाना चाहती है, लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। सूत्रों के मुताबिक सिम विक्रेता ने पुलिस को जानकारी दी कि वह मोबाइल सिम खरीदने वाले को शक्ल से जानते हैं। वे कौन और कहां के हैं। इसकी जानकारी नहीं है।
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पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस अफसरों की जांच में आया कि सिम विक्रेता ने धोखाधड़ी से सिम बेची है। आईडी की सहीं जांच नहीं की है। इसी आधार पर अफसर उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। दोघट थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने कहा मामले की जांच चल रही है।
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आर्यन का अपहरण कर जिस मोबाइल नंबर से बदमाशों ने फिरौती मांगी थी। पुलिस ने सर्विलांस के आधार पर उसका पता लगा लिया था। पता चला था कि मोबाइल नंबर, बिहार राज्य के किसी की आईडी पर है। इसे गाजियाबाद से जून माह में खरीदा गया है।
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इसी के आधार पर पुलिस सिम विक्रेता और डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंच गई थी। पुलिस उनको अपने साथ ले आई थी। पुलिस तभी से ही उनसे पूछताछ कर रही है।
पुलिस पूछताछ के आधार पर फिरौती मांगने वालों तक पहुंचाना चाहती है, लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। सूत्रों के मुताबिक सिम विक्रेता ने पुलिस को जानकारी दी कि वह मोबाइल सिम खरीदने वाले को शक्ल से जानते हैं। वे कौन और कहां के हैं। इसकी जानकारी नहीं है।
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पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस अफसरों की जांच में आया कि सिम विक्रेता ने धोखाधड़ी से सिम बेची है। आईडी की सहीं जांच नहीं की है। इसी आधार पर अफसर उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। दोघट थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने कहा मामले की जांच चल रही है।