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इलाज नहीं करने पर नवजात की जान गई, खूब हुआ बवाल

Tue, 15 Sep 2015 01:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Tue, 15 Sep 2015 01:06 AM IST
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Neonatal death organically
जिला अस्पताल में नवजात बच्ची की मौत पर तीमारदारों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। लोगों की स्टाफ से हाथापाई हुई। अस्पताल के दस्तावेज भी फाड़ दिए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह मामला शांत कराया। तीमारदारों ने डीएम से शिकायत की।
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नैथला गांव निवासी ललित कुमार की पत्नी प्रीति के जिला अस्पताल में शनिवार को बेटी पैदा हुई थी। देर रात उसकी अचानक तबियत खराब हो गई थी। परिजनों ने चिकित्सक को बच्ची का उपचार करने को कहा। आरोप है कि चिकित्सकों ने उसे देखने की भी जरूरत नहीं समझी।
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रविवार सुबह परिजन बच्ची को लेकर बागपत के निजी अस्पताल पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देख हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे दोबारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। मगर, चिकित्सकों ने फिर लापरवाही बरती और इलाज नहीं किया। रविवार देर रात उसकी मौत हो गई।
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इसका पता चलते ही सोमवार सुबह गांव के काफी लोग अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान उनकी स्टाफ से नोकझोंक और हाथापाई भी हुई। अस्पताल का रजिस्टर भी फाड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।


बाद में लोगों ने डीएम आवास पर पहुंचकर प्रदर्शन कर डीएम से शिकायत की। डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय ने सीएमओ को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। बाद में सीएमओ रविंद्र कुमार मिश्रा ने जिला अस्पताल में पहुंचकर जांच-पड़ताल की।

उधर, डीएम का कहना है कि जांच करने के लिए टीम गठिन की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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