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पति की हत्या में पत्नी को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 06 Oct 2017 12:49 AM IST
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गौसपुर गांव में तीन साल पहले पति की हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी पत्नी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने आरोपी ससुर और साले को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर दोषमुक्त कर दिया।
गौसपुर गांव के जुल्फिकार ने 19 दिसंबर 2014 को सिंघावली अहीर थाने में तहरीर दी थी कि उसका भाई नजवार अपनी पत्नी परवीन के साथ मकान के कमरे में सोया हुआ था। उसके मुताबिक 18 तारीख की रात करीब दो बजे एक कार आई और नजवार के कमरे का गेट खटखटाया गया तो वह भी जाग गया था। गाड़ी से नजवार का ससुर जाकिर, साला इरफान उर्फ
फाना और दो अज्ञात लोग उतरे। नजवार के मकान पर गए तो उसकी पत्नी परवीन ने बताया कि उसके अब्बा और भाई आए हैं।
वे चारों नजवार के कमरे में गए थे। उसके बाद वह अपने घर आ गया था। थोड़ी देर बाद ही कमरे से शोर सुनाई दिया। उसने जाकर देखा तो आरोपी नजवार का गला दबा रहे थे। आरोपी उसकी हत्या कर शव को गांव में ही तालाब किनारे डालकर फरार हो गए थे। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपी पत्नी परवीन, जाकिर और इरफान के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
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एडीजीसी सुरेंद्र यादव और राजीव कुमार ने बताया कि केस एडीजे प्रथम रमेश चंद्र दिवाकर की कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट में आठ गवाहों की गवाही हुई। उसी के आधार पर न्यायालय ने परवीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर आरोपी जाकिर और इरफान को दोषमुक्त कर दिया है।
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गौसपुर गांव के जुल्फिकार ने 19 दिसंबर 2014 को सिंघावली अहीर थाने में तहरीर दी थी कि उसका भाई नजवार अपनी पत्नी परवीन के साथ मकान के कमरे में सोया हुआ था। उसके मुताबिक 18 तारीख की रात करीब दो बजे एक कार आई और नजवार के कमरे का गेट खटखटाया गया तो वह भी जाग गया था। गाड़ी से नजवार का ससुर जाकिर, साला इरफान उर्फ
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फाना और दो अज्ञात लोग उतरे। नजवार के मकान पर गए तो उसकी पत्नी परवीन ने बताया कि उसके अब्बा और भाई आए हैं।
वे चारों नजवार के कमरे में गए थे। उसके बाद वह अपने घर आ गया था। थोड़ी देर बाद ही कमरे से शोर सुनाई दिया। उसने जाकर देखा तो आरोपी नजवार का गला दबा रहे थे। आरोपी उसकी हत्या कर शव को गांव में ही तालाब किनारे डालकर फरार हो गए थे। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपी पत्नी परवीन, जाकिर और इरफान के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
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एडीजीसी सुरेंद्र यादव और राजीव कुमार ने बताया कि केस एडीजे प्रथम रमेश चंद्र दिवाकर की कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट में आठ गवाहों की गवाही हुई। उसी के आधार पर न्यायालय ने परवीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर आरोपी जाकिर और इरफान को दोषमुक्त कर दिया है।