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दुष्कर्मी को 10 साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:20 AM IST
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बागपत। खेकड़ा क्षेत्र से दो साल पूर्व 12 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी युवक को कोर्ट ने दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई। साथ देने वाले खेकड़ा निवासी पिता-पुत्र को पांच-पांच साल का कारावास हुआ। एडीजे प्रथम लालचंद ने सजा सुनाई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अनुज ढाका ने बताया कि खेकड़ा क्षेत्र के युवक ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 जनवरी 2015 को उसकी बहन घर से पशुओं को चारा डालने के लिए घेर में जा रही थी। रास्ते से पड़ोसी अलीहसन के रिश्तेदार साबिर ने उसका अपहरण कर लिया। आरोपी साबिर बुलंदशहर के सोमपुर गांव का रहने वाला है और अपनी रिश्तेदारी में खेकड़ा में आया हुआ था। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर कोर्ट में बयान दर्ज कराए थे। उसने बताया था कि साबिर अपने रिश्तेदार अलीहसन और उसके बेटे इंतजार के सहयोग से उसको दिल्ली लेकर गया था। वहां पर साबिर ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने बहला-फुसलाकर अपहरण करने, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अनुज ढाका का कहना है कि केस, एडीजे (प्रथम) लालचंद की कोर्ट में चल रहा था। वादी समेत आठ सदस्यों की गवाही हुई। उसी के आधार पर कोर्ट ने साबिर को अपहरण और दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई और दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा कोर्ट ने अलीहसन और उसके पुत्र इंतजार को साबिर का सहयोग करने के आरोप में पांच-पांच साल की सजा सुनाई और दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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दो साल से जेल में बंद है साबिर
एडीजीसी के मुताबिक दुष्कर्मी साबिर, दो साल से जेल में बंद है। जबकि अलीहसन और उसके बेटे इंतजार की कोर्ट से जमानत हो गई थी। सजा होने के बाद उन दोनों को जेल भेज दिया गया है।
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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अनुज ढाका ने बताया कि खेकड़ा क्षेत्र के युवक ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 जनवरी 2015 को उसकी बहन घर से पशुओं को चारा डालने के लिए घेर में जा रही थी। रास्ते से पड़ोसी अलीहसन के रिश्तेदार साबिर ने उसका अपहरण कर लिया। आरोपी साबिर बुलंदशहर के सोमपुर गांव का रहने वाला है और अपनी रिश्तेदारी में खेकड़ा में आया हुआ था। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर कोर्ट में बयान दर्ज कराए थे। उसने बताया था कि साबिर अपने रिश्तेदार अलीहसन और उसके बेटे इंतजार के सहयोग से उसको दिल्ली लेकर गया था। वहां पर साबिर ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने बहला-फुसलाकर अपहरण करने, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अनुज ढाका का कहना है कि केस, एडीजे (प्रथम) लालचंद की कोर्ट में चल रहा था। वादी समेत आठ सदस्यों की गवाही हुई। उसी के आधार पर कोर्ट ने साबिर को अपहरण और दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई और दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा कोर्ट ने अलीहसन और उसके पुत्र इंतजार को साबिर का सहयोग करने के आरोप में पांच-पांच साल की सजा सुनाई और दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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दो साल से जेल में बंद है साबिर
एडीजीसी के मुताबिक दुष्कर्मी साबिर, दो साल से जेल में बंद है। जबकि अलीहसन और उसके बेटे इंतजार की कोर्ट से जमानत हो गई थी। सजा होने के बाद उन दोनों को जेल भेज दिया गया है।