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युवक के सात टुकड़े कर यमुना में फेंके
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 18 Sep 2015 12:23 AM IST
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बागपत में मुजफ्फरनगर के नंगला रियावली गांव के हिस्ट्रीशीटर की हत्या करने के आरोपी मुसाहिद (38) की सिसाना गांव के खादर में हत्या कर दी गई। हत्याभियुक्तों ने पहले उसके खाने में नींद की गोलियां खिलाकर उसे बेहोश किया और फिर शरीर के सात टुकड़े कर यमुना में फेंक दिए। पुलिस ने मृतक के मौसेरे भाई समेत दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी निशानदेही पर मृतक का धड़ और कपड़े बरामद किए हैं।
सीओ नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर तैमूर के साथी मनव्वर ने मुसाहिद की हत्या करने की साजिश अपने जीजा तौहीद के साथ रची थी। इसके लिए तौहीद ने अपने साथी खालिद उर्फ सोनू और नौशाद को तैयार किया। सोनू मुसाहिद का दोस्त और नौशाद मौसेरा भाई है।
आरोपी सोनू मुसाहिद को बहाने से 15 सितंबर को अपने साथ निवाड़ा गांव में लेकर आ गया था। आरोपियों ने बुधवार की शाम मेरठ के गांव पिटलोखर निवासी कासिम के साथ मिलकर मुसाहिद को खाने में नींद की गोली दे दी। देर रात ही उसे बेहोशी की हालत में सिसाना गांव के यमुना खादर में ले जाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
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वहशियाना हरकत दिखाते हुए गर्दन, धड़, हाथ, पैर, गुप्तांग समेत शरीर के सात टुकड़े कर यमुना में फेंक दिए। मगर, निवाड़ा गांव के ग्रामीणों ने इन लोगों को मुसाहिद को ले जाते हुए देख लिया था। बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे ग्रामीणों ने ही इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के मौसेरे भाई निवाड़ा निवासी (मूल निवासी नंगला रियावली ) नौशाद और गांव के ही तौहीद को हिरासत में ले लिया। उनकी निशानदेही पर मृतक के कपड़े और धड़ बरामद किया। कटी हुई गर्दन, हाथ, पैरों का पता नहीं चल सका। सीओ के मुताबिक गर्दन, हाथ और पैरों की यमुना में तलाश की जा रही है। शाम तक मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी।
मुसाहिद पर 12 से अधिक मुकदमे दर्ज
बागपत। सीओ के मुताबिक मुसाहिद के खिलाफ रतनपुरी थाना में छह मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2004 में सबसे पहले उसके खिलाफ जमीन कब्जाने का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा उस पर मुजफ्फरनगर के कई थाना में दर्जनों मुकदमे दर्ज है।
गैंगवार में हुई हत्या
बागपत। कोतवाली पुलिस के मुताबिक नंगला रियावली गांव के मुसाहिद की अपने गांव के हिस्ट्रीशीटर तैमूर से रंजिश चल रही थी। आरोप है कि मुसाहिद ने वर्ष 2011 में तैमूर की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। वर्तमान में वह जमानत पर जेल से बाहर था, तभी से ही तैमूर गैंग के सदस्य उसके मारने की फिराक में थे।
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सीओ नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर तैमूर के साथी मनव्वर ने मुसाहिद की हत्या करने की साजिश अपने जीजा तौहीद के साथ रची थी। इसके लिए तौहीद ने अपने साथी खालिद उर्फ सोनू और नौशाद को तैयार किया। सोनू मुसाहिद का दोस्त और नौशाद मौसेरा भाई है।
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आरोपी सोनू मुसाहिद को बहाने से 15 सितंबर को अपने साथ निवाड़ा गांव में लेकर आ गया था। आरोपियों ने बुधवार की शाम मेरठ के गांव पिटलोखर निवासी कासिम के साथ मिलकर मुसाहिद को खाने में नींद की गोली दे दी। देर रात ही उसे बेहोशी की हालत में सिसाना गांव के यमुना खादर में ले जाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
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वहशियाना हरकत दिखाते हुए गर्दन, धड़, हाथ, पैर, गुप्तांग समेत शरीर के सात टुकड़े कर यमुना में फेंक दिए। मगर, निवाड़ा गांव के ग्रामीणों ने इन लोगों को मुसाहिद को ले जाते हुए देख लिया था। बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे ग्रामीणों ने ही इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के मौसेरे भाई निवाड़ा निवासी (मूल निवासी नंगला रियावली ) नौशाद और गांव के ही तौहीद को हिरासत में ले लिया। उनकी निशानदेही पर मृतक के कपड़े और धड़ बरामद किया। कटी हुई गर्दन, हाथ, पैरों का पता नहीं चल सका। सीओ के मुताबिक गर्दन, हाथ और पैरों की यमुना में तलाश की जा रही है। शाम तक मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी।
मुसाहिद पर 12 से अधिक मुकदमे दर्ज
बागपत। सीओ के मुताबिक मुसाहिद के खिलाफ रतनपुरी थाना में छह मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2004 में सबसे पहले उसके खिलाफ जमीन कब्जाने का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा उस पर मुजफ्फरनगर के कई थाना में दर्जनों मुकदमे दर्ज है।
गैंगवार में हुई हत्या
बागपत। कोतवाली पुलिस के मुताबिक नंगला रियावली गांव के मुसाहिद की अपने गांव के हिस्ट्रीशीटर तैमूर से रंजिश चल रही थी। आरोप है कि मुसाहिद ने वर्ष 2011 में तैमूर की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। वर्तमान में वह जमानत पर जेल से बाहर था, तभी से ही तैमूर गैंग के सदस्य उसके मारने की फिराक में थे।