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काम से बचने के लिए घर से भागी थी किशोरी
Updated Sun, 16 Sep 2018 01:28 AM IST
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बागपत।
टटीरी में एक साल पहले न्याय पीठ सीडब्ल्यूसी को लावारिस मिली 14 वर्षीय किशोरी शामली जनपद के थाना भवन की रहने वाली थी। उसने न्याय पीठ के प्राधिकारियों को झूठ बोलकर गुमराह किया। सीडब्ल्यूसी ने किशोरी को बालिका गृह कानपुर से बुलाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मां की मौत के बाद किशोरी काम से बचने के लिए घर से भाग निकली थी।
न्याय पीठ सीडब्ल्यूसी के प्राधिकारी राजीव यादव ने बताया कि अग्रवाल मंडी टटीरी में एक साल पहले लावारिस हालत में 14 वर्षीय किशोरी मिली । उसकी काउंसलिंग कराई तो किशोरी ने बताया था कि उसकी नाम अलीना है। वह पंजाब की रहने वाली है। माता-पिता की मौत हो गई है। भाई ने घर से निकाल दिया है। न्याय पीठ सीडब्ल्यूसी ने किशोरी को बालिका गृह कानपुर भेजा। एक सप्ताह पहले किशोरी का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पता चला कि वह शामली के थाना भवन गांव की रहने वाली है। उन्होंने उसके परिजनों से संपर्क किया। किशोरी के पिता शमशेद को बुलाकर जानकारी जुटाई । पिता ने बताया कि उन्होंने किशोरी को बहला-फुसला कर अपहरण कर ले जाने की धारा में थाना भवन थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई । सीडब्ल्यूसी किशोरी को बालिका गृह कानपुर से वापस बुलाकर फिर से काउंसलिंग की। किशोरी ने बताया कि उसका असली नाम खुशबू है। वह थाना भवन की रहने वाली है। उसकी मां की मौत हो चुकी है। घर से सारा काम उसे ही करना पड़ता था। काम से बचने के लिए वह घर से भाग निकली थी। सीडब्ल्यूसी परिजनों को सख्त हिदायत देकर किशोरी को उनकी सुपुर्दगी में दे दिया। परिजन किशोरी को अपने साथ घर ले गए।
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टटीरी में एक साल पहले न्याय पीठ सीडब्ल्यूसी को लावारिस मिली 14 वर्षीय किशोरी शामली जनपद के थाना भवन की रहने वाली थी। उसने न्याय पीठ के प्राधिकारियों को झूठ बोलकर गुमराह किया। सीडब्ल्यूसी ने किशोरी को बालिका गृह कानपुर से बुलाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मां की मौत के बाद किशोरी काम से बचने के लिए घर से भाग निकली थी।
न्याय पीठ सीडब्ल्यूसी के प्राधिकारी राजीव यादव ने बताया कि अग्रवाल मंडी टटीरी में एक साल पहले लावारिस हालत में 14 वर्षीय किशोरी मिली । उसकी काउंसलिंग कराई तो किशोरी ने बताया था कि उसकी नाम अलीना है। वह पंजाब की रहने वाली है। माता-पिता की मौत हो गई है। भाई ने घर से निकाल दिया है। न्याय पीठ सीडब्ल्यूसी ने किशोरी को बालिका गृह कानपुर भेजा। एक सप्ताह पहले किशोरी का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पता चला कि वह शामली के थाना भवन गांव की रहने वाली है। उन्होंने उसके परिजनों से संपर्क किया। किशोरी के पिता शमशेद को बुलाकर जानकारी जुटाई । पिता ने बताया कि उन्होंने किशोरी को बहला-फुसला कर अपहरण कर ले जाने की धारा में थाना भवन थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई । सीडब्ल्यूसी किशोरी को बालिका गृह कानपुर से वापस बुलाकर फिर से काउंसलिंग की। किशोरी ने बताया कि उसका असली नाम खुशबू है। वह थाना भवन की रहने वाली है। उसकी मां की मौत हो चुकी है। घर से सारा काम उसे ही करना पड़ता था। काम से बचने के लिए वह घर से भाग निकली थी। सीडब्ल्यूसी परिजनों को सख्त हिदायत देकर किशोरी को उनकी सुपुर्दगी में दे दिया। परिजन किशोरी को अपने साथ घर ले गए।
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