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साजिश ने ली जान, अधूरी रह गई सियासत की उड़ान-MUZAFFARNAGAR
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:20 AM IST
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बागपत। प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की हत्या के साथ ही उसकी सियासी उड़ान की ख्वाहिश अधूरी रह गई। जौनपुर में अपना दल से वह राजनीति में सक्रिय हुआ। अपना दल के टिकट पर विधान सभा चुनाव भी लड़ा था। यहीं से दोस्ती और दुश्मनी के तमाम किस्से भी सबकी जुबान पर हैं। डॉन की पत्नी सीमा ने कहा कि आम लोगों के बीच बढ़ते राजनीतिक वजूद के कारण विरोधी घबराने लगे, इस वजह से हत्या की साजिश रच दी।
मुन्ना बजरंगी का जन्म जौनपुर जिले के पूरादयाल गांव में हुआ। पिता की ख्वाहिश बड़ा आदमी बनाने की थी, लेकिन अपराध की पगडंडी पर फर्राटा भरने वाला बजरंगी बन गया सबसे बड़ा डॉन। सैकड़ों दुश्मन भी बन गए। जान बचाने और खुद की छवि सुधारने के लिए कई बार सियासी लबादा भी पहने की पुरजोर कोशिश की। बजरंगी के आका मुख्तार अंसारी ने अपराध की दुनिया से राजनीति में कदम 1996 में ही रख लिया था। इसकी की तर्ज पर बजरंगी भी पिछले कई सालों से राजनीति में आने की ख्वाहिश पाले हुए था। बजरंगी ने लोकसभा चुनाव में गाजीपुर लोकसभा सीट पर अपना एक डमी उम्मीदवार खड़ा करने की तैयारी की थी। इसके अलावा गाजीपुर से एक महिला को भाजपा का टिकट दिलवाने की कोशिश कर रहा था। मुन्ना बजरंगी ने कांग्रेस से नजदीकियां भी बढ़ाई, लेकिन बात नहीं बनीं। मुन्ना बजरंगी के अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव ने बताया कि अपना दल के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुका हैं। वह सबसे ज्यादा नजदीक अपना दल के ही थे। बजरंगी की पत्नी सीमा ने यह भी कहा कि बढ़ते राजनीतिक दखल से विरोधी परेशान हो गए थे। यही वजह है कि साजिश रची गई और उनकी हत्या कर दी। लोगों के बीच छवि सुधर रही थी।
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मुन्ना बजरंगी का जन्म जौनपुर जिले के पूरादयाल गांव में हुआ। पिता की ख्वाहिश बड़ा आदमी बनाने की थी, लेकिन अपराध की पगडंडी पर फर्राटा भरने वाला बजरंगी बन गया सबसे बड़ा डॉन। सैकड़ों दुश्मन भी बन गए। जान बचाने और खुद की छवि सुधारने के लिए कई बार सियासी लबादा भी पहने की पुरजोर कोशिश की। बजरंगी के आका मुख्तार अंसारी ने अपराध की दुनिया से राजनीति में कदम 1996 में ही रख लिया था। इसकी की तर्ज पर बजरंगी भी पिछले कई सालों से राजनीति में आने की ख्वाहिश पाले हुए था। बजरंगी ने लोकसभा चुनाव में गाजीपुर लोकसभा सीट पर अपना एक डमी उम्मीदवार खड़ा करने की तैयारी की थी। इसके अलावा गाजीपुर से एक महिला को भाजपा का टिकट दिलवाने की कोशिश कर रहा था। मुन्ना बजरंगी ने कांग्रेस से नजदीकियां भी बढ़ाई, लेकिन बात नहीं बनीं। मुन्ना बजरंगी के अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव ने बताया कि अपना दल के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुका हैं। वह सबसे ज्यादा नजदीक अपना दल के ही थे। बजरंगी की पत्नी सीमा ने यह भी कहा कि बढ़ते राजनीतिक दखल से विरोधी परेशान हो गए थे। यही वजह है कि साजिश रची गई और उनकी हत्या कर दी। लोगों के बीच छवि सुधर रही थी।
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