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न किसी ने कहा और न ही हमने पत्थर फेंके
Updated Sun, 24 Jun 2018 01:20 AM IST
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बड़ौत / अमीनगर सराय (बागपत)। पुलवामा में पत्थरबाजी के लिए दबाव बनाने के मामले से ढिकाना का अंकित और डौलचा का शमीम भी मुकर गया है। दोनों का कहना है कि पत्थरबाजी के किस्से सुनते थे, लेकिन वह कभी पत्थरबाजी के लिए नहीं गए और न ही कभी किसी ने उन पर दबाव बनाया। पुलिस युवकों के बयान की तस्दीक में जुटी हुई है।
पुलवामा के लस्सीपुरा से बागपत और सहारनपुर लौटे सिलाई कारीगरों ने कहा था कि उन पर पत्थर फेंकने का दबाव बनाया गया, लेकिन जैसे ही पुलिस पूछताछ शुरू हुई तो एक-एक करके सारे युवक मुकर गए। अब इन युवकों का कहना है कि उन्हें डर था कि फैक्ट्री मालिक कहीं उनके ऊपर मुकदमे दर्ज न करा दें, इसकी वजह से उन्होंने झूठ बोला । बड़ौत का नसीम अपने बयान से मुकर गया, साथ उसने कहा फैक्ट्री मालिक उन्हें अब भी फोन कर धमकी दे रहा है। ढिकाना गांव के अंकित से लंबी पूछताछ की और वह भी मुकर गया और उसे देर रात पुलिस ने छोड़ दिया। उधर, डौलचा का शमीम भी मुकर गया है। शमीम का कहना है कि उन पर कभी पत्थरबाजी के लिए दबाव नहीं बनाया गया। उधर, युवकों ने कहा पुलवामा और इसके आसपास पत्थरबाजी की बातें होती थी। रोज लोग जिक्र करते थे, लेकिन उनके ऊपर किसी ने किसी तरह का भी दबाव नहीं बनाया और न ही कभी इसके लिए कहा। उधर, शनिवार को भी दिन भर जम्मू-कश्मीर पुलिस आने की चर्चा रही, लेकिन कश्मीर पुलिस नहीं पहुंची।
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पुलवामा के लस्सीपुरा से बागपत और सहारनपुर लौटे सिलाई कारीगरों ने कहा था कि उन पर पत्थर फेंकने का दबाव बनाया गया, लेकिन जैसे ही पुलिस पूछताछ शुरू हुई तो एक-एक करके सारे युवक मुकर गए। अब इन युवकों का कहना है कि उन्हें डर था कि फैक्ट्री मालिक कहीं उनके ऊपर मुकदमे दर्ज न करा दें, इसकी वजह से उन्होंने झूठ बोला । बड़ौत का नसीम अपने बयान से मुकर गया, साथ उसने कहा फैक्ट्री मालिक उन्हें अब भी फोन कर धमकी दे रहा है। ढिकाना गांव के अंकित से लंबी पूछताछ की और वह भी मुकर गया और उसे देर रात पुलिस ने छोड़ दिया। उधर, डौलचा का शमीम भी मुकर गया है। शमीम का कहना है कि उन पर कभी पत्थरबाजी के लिए दबाव नहीं बनाया गया। उधर, युवकों ने कहा पुलवामा और इसके आसपास पत्थरबाजी की बातें होती थी। रोज लोग जिक्र करते थे, लेकिन उनके ऊपर किसी ने किसी तरह का भी दबाव नहीं बनाया और न ही कभी इसके लिए कहा। उधर, शनिवार को भी दिन भर जम्मू-कश्मीर पुलिस आने की चर्चा रही, लेकिन कश्मीर पुलिस नहीं पहुंची।
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