{"_id":"5a6f73ac4f1c1ba1268b72c8","slug":"171517253548-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राठी-भूरा पेश, गवाही के लिए नहीं पहुंचा टैंपो चालक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
राठी-भूरा पेश, गवाही के लिए नहीं पहुंचा टैंपो चालक
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
बागपत। देहरादून पुलिस कस्टडी से गैंगस्टर अमित उर्फ भूरा को छुड़ाने के मामले में कुख्यात सुनील राठी, अमित भूरा और नीरज बवाना को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। लेकिन गवाह टेंपो चालक अदालत नहीं पहुंचा।
चर्चित भूरा फरारी केस की सुनवाई एडीजे स्पेशल की कोर्ट में चल रही है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सोहनपाल गुर्जर ने बताया कि पांच गवाहों की अदालत में अब तक गवाही हो चुकी है। सोमवार को कोर्ट में गवाह टेंपो चालक सतेंद्र निवासी मीतली की गवाही होनी थी, लेकिन वह तारीख पर नहीं पहुंचा। बागपत जेल से आरोपी सुनील राठी, नीरज बवाना और अमित भूरा को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए तारीख नियत कर दी है। पुलिस कड़ी सुरक्षा में आरोपियों को लेकर चली गई। पूर्व विधायक रामवीर शौकीन का भांजा नीरज बवाना भी केस का आरोपी है।
उल्लेखनीय है कि देहरादून पुलिस की कस्टडी से 15 दिसंबर 2014 को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित क्रिस्तु ज्योति कॉवेंट हाईस्कूल के पास दो एके-47 व एक कार्बाइन लूटकर गैंगस्टर अमित उर्फ भूरा निवासी सरनावली (मुजफ्फरनगर) को छुड़ाया लिया गया था। मामले में भूरा के खिलाफ यूपी और उत्तराखंड सरकार ने दस लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस की विवेचना में सामने आया था कि कुख्यात सुनील राठी के कहने पर पूर्व विधायक रामवीर शौकीन ने भूरा को छुड़ाने की साजिश रची थी। यह केस कोर्ट में विचाराधीन है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चर्चित भूरा फरारी केस की सुनवाई एडीजे स्पेशल की कोर्ट में चल रही है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सोहनपाल गुर्जर ने बताया कि पांच गवाहों की अदालत में अब तक गवाही हो चुकी है। सोमवार को कोर्ट में गवाह टेंपो चालक सतेंद्र निवासी मीतली की गवाही होनी थी, लेकिन वह तारीख पर नहीं पहुंचा। बागपत जेल से आरोपी सुनील राठी, नीरज बवाना और अमित भूरा को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए तारीख नियत कर दी है। पुलिस कड़ी सुरक्षा में आरोपियों को लेकर चली गई। पूर्व विधायक रामवीर शौकीन का भांजा नीरज बवाना भी केस का आरोपी है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि देहरादून पुलिस की कस्टडी से 15 दिसंबर 2014 को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित क्रिस्तु ज्योति कॉवेंट हाईस्कूल के पास दो एके-47 व एक कार्बाइन लूटकर गैंगस्टर अमित उर्फ भूरा निवासी सरनावली (मुजफ्फरनगर) को छुड़ाया लिया गया था। मामले में भूरा के खिलाफ यूपी और उत्तराखंड सरकार ने दस लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस की विवेचना में सामने आया था कि कुख्यात सुनील राठी के कहने पर पूर्व विधायक रामवीर शौकीन ने भूरा को छुड़ाने की साजिश रची थी। यह केस कोर्ट में विचाराधीन है।
विज्ञापन