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बंदरों के आतंक के चलते शहरवासी घर में कैद

Thu, 21 Dec 2017 01:17 AM IST
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:17 AM IST
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बंदरों के आतंक के चलते शहरवासी घर में कैद
बड़ौत (बागपत)।
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नगर में बंदरों के आतंक के चलते लोग लाखों रुपये की लागत से बने अपने ही मकान में कैद हो गए हैं। इसके बाद भी उन्हें हर समय बंदरों का डर सताता रहता है। शहर के नागरिक बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए नगरपालिका और वन विभाग के अफसरों से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे लोगों में जिला प्रशासन के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है।

नगर में लगातार बंदरों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है, लेकिन न तो नगरपालिका ने बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई की और न ही वन विभाग ने । इससे बंदरों के हमलों की समस्या गंभीर हो रही है। बंदर आए दिन महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। इससे लोग भयभीत है। इतना ही नहीं बाहर धूप में सूखे कपड़ों को बंदर फाड़ देते हैं। वही रसोई में घुसकर ग्रहणी पर हमला कर खाने की चीजों को उठा ले जाते है। बंदरों के आतंक का आलम यह है कि लाखों रुपयों की लागत से बनाएं सपनों के घरों पर अब बंदरों से बचने के लिए मकानों के चारों तरफ लोहे का जाल लगा रखा है ताकि बंदर अंदर न घुस जाए। नगरवासी अनिल जैन, प्रदीप शर्मा, राजेंद्र शर्मा, यशवीर तोमर, सुनील जैन, प्रमोद, रवि जैन ने कहा दर्जनों बार इस संबंध में सैकड़ों बार नगरपालिका अधिकारियों से शिकायत की और वन विभाग के अफसरों से भी बंदरों को पकड़ने के लिए अनुरोध किया, लेकिन कोई हल नहीं निकल पा रहा है। इससे लोगों में जिला प्रशासन के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है। इस संबंध में नगरपालिका परिषद के चेयरमैन अमित राणा ने कहा जल्द ही बोर्ड बैठक कर नगरवासियों को बंदरों के आतंक से निजात दिलाई जाएगी।
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