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संदिग्ध परिस्थितियों में मजदूर फांसी पर लटका मिला
Updated Thu, 22 Mar 2018 01:04 AM IST
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बागपत। सरूरपुर गांव में स्थित ईंट भट्ठे के पास पेड़ पर मजदूर का शव लटका मिला। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। युवक ने छह दिन पूर्व ही 22 हजार रुपये की बोली लगाकर एक युवती से शादी की थी। मृतक के पिता का आरोप है कि युवती को बेचने वाले दो युवकों ने ही उसकी हत्या की है। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
मुकेश (30) पुत्र शंकर अमरोहा के गांव इमरतपुर थाना आदमपुर का रहने वाला था। वह सरूरपुर गांव में सूजरा रोड पर स्थित ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था। बुधवार सुबह भट्ठे से 100 मीटर दूर एक पेड़ पर मुकेश का शव फांसी पर लटका मिला। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के पिता शंकर ने सोनू निवासी गुराना व उसके साला मोनू के खिलाफ धारा 306, 506 आईपीसी व एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने देर रात आरोपी सोनू को हिरासत में ले लिया। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
ईंट भट्ठे पर लगी थी लड़कियों की बोली
मुकेश के पिता शंकर ने बताया कि 14 मार्च को सोनू और मोनू ईंट-भट्ठे पर चार लड़कियों को बेचने के लिए लेकर आए थे। उन्होंने चारों लड़कियों की बोलियां लगाई थी। मुकेश ने मल्लिका नामक युवती को 22 हजार रुपये में खरीदकर उससे ईंट भट्ठे पर शादी की। शादी में सभी मजदूरों को दावत दी गई। अगले दिन सोनू और मोनू तीन लड़कियों को लेकर चले गए थे, जिन्हें उन्होंने दूसरी जगह 40-40 हजार रुपये में बेच दिया। मंगलवार को तीन बजे सोनू और मोनू फिर से ईंट भट्ठे पर आए और मल्लिका को अपने साथ ले जाने की बात करने लगे। मल्लिका उनके साथ नहीं जाना चाहती थी। इसे लेकर भट्ठे पर काफी हंगामा हुआ। शाम 7 बजे आरोपी दोनों युवक मल्लिका को जबरन अपने साथ ले गए और मुकेश को धमकी दी कि पुलिस से शिकायत की तो जान से मार देंगे। मल्लिका के जाने के बाद मुकेश भी घर से चला गया था। बुधवार की सुबह उसका शव भट्ठे के पास पेड़ पर लटका मिला। शंकर का दावा है कि उसके बेटे की हत्या की गई है। जिस चादर से फांसी का फंदा लगाया गया था, वह चादर सोनू की है। इससे संदेह हो रहा है कि उसकी हत्या करके शव को फांसी पर लटका गया है, क्योंकि आरोपियों ने जाने से पहले उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी।
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शादी के बाद खुश बहुत था मुकेश
चार भाइयों में मुकेश सबसे बड़ा था। उससे छोटा धर्म सिंह, मेवाराम, नंद किशोर है। उसके पिता शंकर व तीनों भाई भी इसी भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। पिता ने बताया कि मुकेश शादी के बाद से बहुत खुश था और अपनी पत्नी की अच्छी-तरह से देखभाल कर रहा था। पत्नी के चले जाने के बाद से ही वह परेशान हो गया था।
दुल्हन दिलाने के नाम पर चल रहा खेल
बागपत। पोस्टमार्टम हाउस पर भट्ठा मजदूरों ने बताया कि आरोपी सोनू व उसका साला मोनू काफी दिनों से लड़कियों को बेचने का धंधा कर रहे हैं। वे दूसरे जनपदों से युवतियों को लेकर आते हैं और जनपद में ईंट भट्ठों पर शादी के नाम पर 20 से 40 हजार रुपये में उन्हें बेच देते है। शादी के कुछ दिन बाद आरोपी युवक बेची गई लड़कियों को वापस अपने साथ ले जाते हैं। ये लड़कियां कहां से लाते हैं, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।
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मुकेश (30) पुत्र शंकर अमरोहा के गांव इमरतपुर थाना आदमपुर का रहने वाला था। वह सरूरपुर गांव में सूजरा रोड पर स्थित ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था। बुधवार सुबह भट्ठे से 100 मीटर दूर एक पेड़ पर मुकेश का शव फांसी पर लटका मिला। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के पिता शंकर ने सोनू निवासी गुराना व उसके साला मोनू के खिलाफ धारा 306, 506 आईपीसी व एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने देर रात आरोपी सोनू को हिरासत में ले लिया। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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ईंट भट्ठे पर लगी थी लड़कियों की बोली
मुकेश के पिता शंकर ने बताया कि 14 मार्च को सोनू और मोनू ईंट-भट्ठे पर चार लड़कियों को बेचने के लिए लेकर आए थे। उन्होंने चारों लड़कियों की बोलियां लगाई थी। मुकेश ने मल्लिका नामक युवती को 22 हजार रुपये में खरीदकर उससे ईंट भट्ठे पर शादी की। शादी में सभी मजदूरों को दावत दी गई। अगले दिन सोनू और मोनू तीन लड़कियों को लेकर चले गए थे, जिन्हें उन्होंने दूसरी जगह 40-40 हजार रुपये में बेच दिया। मंगलवार को तीन बजे सोनू और मोनू फिर से ईंट भट्ठे पर आए और मल्लिका को अपने साथ ले जाने की बात करने लगे। मल्लिका उनके साथ नहीं जाना चाहती थी। इसे लेकर भट्ठे पर काफी हंगामा हुआ। शाम 7 बजे आरोपी दोनों युवक मल्लिका को जबरन अपने साथ ले गए और मुकेश को धमकी दी कि पुलिस से शिकायत की तो जान से मार देंगे। मल्लिका के जाने के बाद मुकेश भी घर से चला गया था। बुधवार की सुबह उसका शव भट्ठे के पास पेड़ पर लटका मिला। शंकर का दावा है कि उसके बेटे की हत्या की गई है। जिस चादर से फांसी का फंदा लगाया गया था, वह चादर सोनू की है। इससे संदेह हो रहा है कि उसकी हत्या करके शव को फांसी पर लटका गया है, क्योंकि आरोपियों ने जाने से पहले उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी।
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शादी के बाद खुश बहुत था मुकेश
चार भाइयों में मुकेश सबसे बड़ा था। उससे छोटा धर्म सिंह, मेवाराम, नंद किशोर है। उसके पिता शंकर व तीनों भाई भी इसी भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। पिता ने बताया कि मुकेश शादी के बाद से बहुत खुश था और अपनी पत्नी की अच्छी-तरह से देखभाल कर रहा था। पत्नी के चले जाने के बाद से ही वह परेशान हो गया था।
दुल्हन दिलाने के नाम पर चल रहा खेल
बागपत। पोस्टमार्टम हाउस पर भट्ठा मजदूरों ने बताया कि आरोपी सोनू व उसका साला मोनू काफी दिनों से लड़कियों को बेचने का धंधा कर रहे हैं। वे दूसरे जनपदों से युवतियों को लेकर आते हैं और जनपद में ईंट भट्ठों पर शादी के नाम पर 20 से 40 हजार रुपये में उन्हें बेच देते है। शादी के कुछ दिन बाद आरोपी युवक बेची गई लड़कियों को वापस अपने साथ ले जाते हैं। ये लड़कियां कहां से लाते हैं, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।