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जेल में बंदी ने फिर खाया कांच, हालत बिगड़ी
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बागपत।
जिला कारागार में मंगलवार की रात में बंदी ने कांच खाकर आत्महत्या की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर रात्रि में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर के लिए रेफर किया। वह चार साल से कुकर्म के आरोप में जेल में बंद है।
गाजियाबाद जनपद के लोनी कस्बा निवासी राजेश पुत्र सुंदर को चांदीनगर थाना पुलिस ने वर्ष 2015 में कुकर्म के आरोपी में गिरफ्तार कर जेल भेजा। वह चार साल से जेल में बंद है। मंगलवार की रात में बंदी ने कांच खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर उसे जेल से जिला अस्पताल में लाया गया। वहां के चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर किया। डॉ. भूपेंद्र ने बताया कि बंदी ने कांच खाया हुआ था। रात्रि में साढ़े 11 बजे के लगभग उसे जेल से बंदी रक्षक अस्पताल लेकर आए। प्राथमिक उपचार के बाद उसे रेफर किया।
उल्लेखनीय है कि जेल में इससे पहले भी दो बंदियों ने कांच खाया। बिनौली थाना क्षेत्र के जिवाना गुलियान गांव निवासी शाकिर ने कांच खाने से मौत हो चुकी है। मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या करने का आरोप लगाया । एक लाख के इनामी रहे प्रमोद गांगनौली गैंग के सदस्य रवि शर्मा भी कांच खाकर आत्महत्या की कोशिश की। जेल में ही बंद किस मजबूरी के कारण कांच खा रहे हैं, यह भी जांच का विषय बना हुआ है। जेल प्रशासन के लिए एक दिन कांच खाने वाले बंदी गले की फांस बन सकते हैं। इस संबंध में जेल अधीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि बंदी कांच खाने का ड्रामा कर रहे है। बाहर निकलने के लिए नया तरीका अपनाया है। बंदी राजेश को पेट में दर्द की शिकायत थी। उसने कांच नहीं खाया है। मेरठ में इलाज कराने के बाद उसे वापस जेल लाया गया है।
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जिला कारागार में मंगलवार की रात में बंदी ने कांच खाकर आत्महत्या की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर रात्रि में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर के लिए रेफर किया। वह चार साल से कुकर्म के आरोप में जेल में बंद है।
गाजियाबाद जनपद के लोनी कस्बा निवासी राजेश पुत्र सुंदर को चांदीनगर थाना पुलिस ने वर्ष 2015 में कुकर्म के आरोपी में गिरफ्तार कर जेल भेजा। वह चार साल से जेल में बंद है। मंगलवार की रात में बंदी ने कांच खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर उसे जेल से जिला अस्पताल में लाया गया। वहां के चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर किया। डॉ. भूपेंद्र ने बताया कि बंदी ने कांच खाया हुआ था। रात्रि में साढ़े 11 बजे के लगभग उसे जेल से बंदी रक्षक अस्पताल लेकर आए। प्राथमिक उपचार के बाद उसे रेफर किया।
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उल्लेखनीय है कि जेल में इससे पहले भी दो बंदियों ने कांच खाया। बिनौली थाना क्षेत्र के जिवाना गुलियान गांव निवासी शाकिर ने कांच खाने से मौत हो चुकी है। मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या करने का आरोप लगाया । एक लाख के इनामी रहे प्रमोद गांगनौली गैंग के सदस्य रवि शर्मा भी कांच खाकर आत्महत्या की कोशिश की। जेल में ही बंद किस मजबूरी के कारण कांच खा रहे हैं, यह भी जांच का विषय बना हुआ है। जेल प्रशासन के लिए एक दिन कांच खाने वाले बंदी गले की फांस बन सकते हैं। इस संबंध में जेल अधीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि बंदी कांच खाने का ड्रामा कर रहे है। बाहर निकलने के लिए नया तरीका अपनाया है। बंदी राजेश को पेट में दर्द की शिकायत थी। उसने कांच नहीं खाया है। मेरठ में इलाज कराने के बाद उसे वापस जेल लाया गया है।
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