{"_id":"6373d7f180347b1d5f399035","slug":"controversy-over-building-a-road-with-two-departments-payment-stopped-baghpat-news-mrt6136546126","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक ही सड़क दो विभागों से बनाने पर अफसरों में खींचतान, भुगतान पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक ही सड़क दो विभागों से बनाने पर अफसरों में खींचतान, भुगतान पर रोक
विज्ञापन
बागपत। ककड़ीपुर से नाला गांव के बीच की एक ही सडक़ को डेढ़ महीने में दो विभागों से बनाए जाने पर अफसरों में खींचतान शुरू हो गई है। इसकी जांच के लिए लोनिवि की टीम मंगलवार को पहुंची और रिपोर्ट जल्द देगी। इसकी जांच पूरी होने तक दोनों विभागों के ठेकेदार का भुगतान रोक दिया है। वहीं, लोनिवि के अधिकारियों ने यहां तक साफ कर दिया है कि अगर जरूरत पड़ती है तो वे अपनी सडक़ उखड़वाकर जांच कराएंगे कि जिला पंचायत ने कार्य किया है या नहीं।
ककड़ीपुर से नाला गांव के बीच करीब 1200 मीटर सडक़ के निर्माण में दो विभागों के खेल करने का खुलासा होने से हडक़ंप है। इस मामले में जिला पंचायत के अधिकारी लोनिवि के अधिकारियों पर खूब आरोप लगा रहे हैं। वहीं, लोनिवि के अधिकारी अपने बचाव में जिला पंचायत को घेर रहे हैं। वहीं, डीएम राजकमल यादव के पूरे मामले में संज्ञान लेने के बाद जांच के आदेश दिए। इसके बाद अवर अभियंता के नेतृत्व में जांच टीम बनाई गई जो सडक़ निर्माण की जांच करने पहुंची। वह बुधवार या बृहस्पतिवार को जांच रिपोर्ट देगी। इसके बाद जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सड़क उखड़वाकर हो सकती है जांच
उक्त सड़क निर्माण पर सवाल उठ रहे हैं कि जिला पंचायत की तरफ से केवल खानापूर्ति तो नहीं की गई थी। अब उस सडक़ को लोनिवि ने बना दिया है। इससे यह जांच करना मुश्किल हो गया है कि जिला पंचायत के ठेकेदार ने वहां सडक़ बनाई है या नहीं। ऐसे में यह समाधान निकाला गया है कि अगर जरूरत पड़ती है तो सडक़ को जगह-जगह से उखाडक़र देखा जाएगा कि जिला पंचायत के ठेकेदार ने पहले निर्माण किया था या नहीं।
विज्ञापन
जनप्रतिनिधि अलग-अलग पक्ष में बयान कराने में लगे
एक ही सडक़ को दो विभागों से बनाए जाने के मामले में जनप्रतिनिधियों के लिए भी परेशानी खड़ी हो गई है। एक जनप्रतिनिधि ने जिला पंचायत से सडक़ को मंजूर कराया था और उसे श्रेय मिलने पर दूसरे जनप्रतिनिधि ने लोनिवि से सडक़ को मंजूर करा दिया। अब मामला फंसने पर ककड़ीपुर गांव में पंचायत की गई और वहां एक जनप्रतिनिधि ने जिला पंचायत के पक्ष में बयान देने का ग्रामीणों से आग्रह किया। उनसे कहा कि वह जांच टीम के सामने यह बयान दर्ज कराए कि जिला पंचायत ने सडक़ को बनाया था। जबकि दूसरा जनप्रतिनिधि यह बयान दर्ज कराने के लिए कह रहा है कि लोनिवि ने सडक़ बनाई है।
सडक़ की जांच के लिए टीम बनाई गई थी। यह रिपोर्ट एक-दो दिन में देगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जिला पंचायत से भी पत्रावली मांगी गई है, लेकिन वह पत्रावली उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।-अतुल कुमार, एक्सईएन लोनिवि
सडक़ का निर्माण जिला पंचायत ने कराया था और इससे संबंधित सभी कागज हमारे पास हैं। हमारे यहां से कोई कागज मांगेगा तो उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा।-चंद्रवीर सिंह, अपर मुख्य अधिकारी
विज्ञापन
ककड़ीपुर से नाला गांव के बीच करीब 1200 मीटर सडक़ के निर्माण में दो विभागों के खेल करने का खुलासा होने से हडक़ंप है। इस मामले में जिला पंचायत के अधिकारी लोनिवि के अधिकारियों पर खूब आरोप लगा रहे हैं। वहीं, लोनिवि के अधिकारी अपने बचाव में जिला पंचायत को घेर रहे हैं। वहीं, डीएम राजकमल यादव के पूरे मामले में संज्ञान लेने के बाद जांच के आदेश दिए। इसके बाद अवर अभियंता के नेतृत्व में जांच टीम बनाई गई जो सडक़ निर्माण की जांच करने पहुंची। वह बुधवार या बृहस्पतिवार को जांच रिपोर्ट देगी। इसके बाद जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सड़क उखड़वाकर हो सकती है जांच
उक्त सड़क निर्माण पर सवाल उठ रहे हैं कि जिला पंचायत की तरफ से केवल खानापूर्ति तो नहीं की गई थी। अब उस सडक़ को लोनिवि ने बना दिया है। इससे यह जांच करना मुश्किल हो गया है कि जिला पंचायत के ठेकेदार ने वहां सडक़ बनाई है या नहीं। ऐसे में यह समाधान निकाला गया है कि अगर जरूरत पड़ती है तो सडक़ को जगह-जगह से उखाडक़र देखा जाएगा कि जिला पंचायत के ठेकेदार ने पहले निर्माण किया था या नहीं।
विज्ञापन
जनप्रतिनिधि अलग-अलग पक्ष में बयान कराने में लगे
एक ही सडक़ को दो विभागों से बनाए जाने के मामले में जनप्रतिनिधियों के लिए भी परेशानी खड़ी हो गई है। एक जनप्रतिनिधि ने जिला पंचायत से सडक़ को मंजूर कराया था और उसे श्रेय मिलने पर दूसरे जनप्रतिनिधि ने लोनिवि से सडक़ को मंजूर करा दिया। अब मामला फंसने पर ककड़ीपुर गांव में पंचायत की गई और वहां एक जनप्रतिनिधि ने जिला पंचायत के पक्ष में बयान देने का ग्रामीणों से आग्रह किया। उनसे कहा कि वह जांच टीम के सामने यह बयान दर्ज कराए कि जिला पंचायत ने सडक़ को बनाया था। जबकि दूसरा जनप्रतिनिधि यह बयान दर्ज कराने के लिए कह रहा है कि लोनिवि ने सडक़ बनाई है।
सडक़ की जांच के लिए टीम बनाई गई थी। यह रिपोर्ट एक-दो दिन में देगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जिला पंचायत से भी पत्रावली मांगी गई है, लेकिन वह पत्रावली उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।-अतुल कुमार, एक्सईएन लोनिवि
सडक़ का निर्माण जिला पंचायत ने कराया था और इससे संबंधित सभी कागज हमारे पास हैं। हमारे यहां से कोई कागज मांगेगा तो उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा।-चंद्रवीर सिंह, अपर मुख्य अधिकारी