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दिल्ली-सहारनपुर हाईवे की हुई मरम्मत, जांच को कमेटी गठित
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बागपत। दो दिन की बारिश से धंसे दिल्ली-देहरादून हाईवे की बुधवार को एनएचएआई ने मरम्मत करा दी है। इसके बाद बुधवार दोपहर में हाईवे के दोनों ओर यातायात सुचारु करा दिया। वहीं, एनएचएआई ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
दो दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते मंगलवार रात पाली गांव के समीप पुलिया पर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे धंस गया था। इसकी वजह से वाहन चालकों को दिक्कत होने लगी। बताया जा रहा है कि कुछ वाहन क्षतिग्रस्त भी हुए। हाईवे धंसने की जानकारी पाकर एनएचएआई के कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। वहीं, एक साइड यातायात के लिए बंद कर दी। इसके चलते पुलिस ने हाईवे की दूसरी साइड पर यातायात डायवर्ट कर दिया। जिससे वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उनका कहना था कि इस हाईवे पर टोल वसूला जाता है। इसके बाद भी इसके निर्माण में इतनी ज्यादा लापरवाही बरती गई। एनएचएआई ने निर्माण कंपनी से हाईवे की मरम्मत करा दी। इसके बाद बुधवार दोपहर में हाईवे पर दोनों साइड का यातायात सुचारु हुआ।
पुरानी पुलिया और नाला बंद करना बनी वजह
एनएचएआई के परियोजना निदेशक संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि हाईवे निर्माण के दौरान कुछ पुलिया नए सिरे से बनाई गई थीं। कुछ जगह उपसा की बनाई पुरानी पुलिया को रिटेन कर चौड़ीकरण किया गया था। ग्रामीणों ने नाला बंद कर दिया था। बारिश में पानी की अधिकता के चलते मिट्टी का कटान हुआ और वहां हाईवे धंस गया। इसके साथ ही तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। वह इस पुलिया के साथ ही उपसा की बनाई सभी पुरानी पुलिया का निरीक्षण कर रिपोर्ट देगी। निर्माण कंपनी ने मरम्मत करा दी है। पांच साल तक हाईवे क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत की जिम्मेदारी कंपनी की ही होगी।
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दो दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते मंगलवार रात पाली गांव के समीप पुलिया पर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे धंस गया था। इसकी वजह से वाहन चालकों को दिक्कत होने लगी। बताया जा रहा है कि कुछ वाहन क्षतिग्रस्त भी हुए। हाईवे धंसने की जानकारी पाकर एनएचएआई के कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। वहीं, एक साइड यातायात के लिए बंद कर दी। इसके चलते पुलिस ने हाईवे की दूसरी साइड पर यातायात डायवर्ट कर दिया। जिससे वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उनका कहना था कि इस हाईवे पर टोल वसूला जाता है। इसके बाद भी इसके निर्माण में इतनी ज्यादा लापरवाही बरती गई। एनएचएआई ने निर्माण कंपनी से हाईवे की मरम्मत करा दी। इसके बाद बुधवार दोपहर में हाईवे पर दोनों साइड का यातायात सुचारु हुआ।
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पुरानी पुलिया और नाला बंद करना बनी वजह
एनएचएआई के परियोजना निदेशक संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि हाईवे निर्माण के दौरान कुछ पुलिया नए सिरे से बनाई गई थीं। कुछ जगह उपसा की बनाई पुरानी पुलिया को रिटेन कर चौड़ीकरण किया गया था। ग्रामीणों ने नाला बंद कर दिया था। बारिश में पानी की अधिकता के चलते मिट्टी का कटान हुआ और वहां हाईवे धंस गया। इसके साथ ही तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। वह इस पुलिया के साथ ही उपसा की बनाई सभी पुरानी पुलिया का निरीक्षण कर रिपोर्ट देगी। निर्माण कंपनी ने मरम्मत करा दी है। पांच साल तक हाईवे क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत की जिम्मेदारी कंपनी की ही होगी।
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