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ईंट भट्ठे पर मजदूरों को बंधक बनाकर रखने का आरोप
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दिल्ली लेबर कोर्ट ने दिए कार्रवाई के निर्देश
दोघट। भड़ल गांव में ईंट-भट्ठे पर मजदूर को बंधक बनाकर रखने पर दिल्ली लेबर कोर्ट ने दोघट थाने को कार्रवाई के आदेश दिए। पुलिस ने मजदूरों को उनके गांव भिजवाया।
भड़ल गांव में किसान बिक्र फील्ड के नाम से धनोरा टीकरी मार्ग पर ईंट-भट्ठा है। मुनीम रामस्वरूप ने बताया कि यह भट्ठा चौधरी रणवीर सिंह निवासी कस्बा बनत जनपद शामली का है। जिस पर ईंटों की पथाई के लिए लिए मजदूरों के जमादार अफजाल निवासी आतंकपुर तहसील हसनपुर जनपद अमरोहा से भट्टे पर लेबर भेजने के लिए 15 दिसम्बर को मिले ओर उसे मजदूर लाने के खर्च के लिए 52 हजार 500 रुपये देकर आ गए। कुछ समय बाद ही 15 परिवार ईंट-भट्ठे पर काम करने के लिए आ गए। जमादार ने लेबर की पेशगी के लिए दो लाख रुपये और लिए, बुधवार को जमादार अफजाल ने 25 हजार रुपये लिए थे।
शुक्रवार को पुलिस के ईंट-भट्ठे पर पहुंचने के बाद पता चला कि दिल्ली लेबर कोर्ट में भट्ठा मालिक, मुनीम व जमादार अफजाल के खिलाफ मजदूरों ने मुकदमा दर्ज कराया है। एसओ मुनेंद्र पाल ने बताया की बंधक बनाने की बात गलत है। जमादार ने भट्ठा मालिक से दो लाख 75 हजार रुपये मजदूरों को देने के लिए लिए थे लेकिन उसने मजदूरों को पैसे नहीं दिए और भाग गया। इसी वजह से मजदूरों ने ईंट-भट्ठा मालिक, मुनीम व जमादार के खिलाफ दिल्ली लेबर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। अब सभी मजदूर अपने गांव चले गए हैं।
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दोघट। भड़ल गांव में ईंट-भट्ठे पर मजदूर को बंधक बनाकर रखने पर दिल्ली लेबर कोर्ट ने दोघट थाने को कार्रवाई के आदेश दिए। पुलिस ने मजदूरों को उनके गांव भिजवाया।
भड़ल गांव में किसान बिक्र फील्ड के नाम से धनोरा टीकरी मार्ग पर ईंट-भट्ठा है। मुनीम रामस्वरूप ने बताया कि यह भट्ठा चौधरी रणवीर सिंह निवासी कस्बा बनत जनपद शामली का है। जिस पर ईंटों की पथाई के लिए लिए मजदूरों के जमादार अफजाल निवासी आतंकपुर तहसील हसनपुर जनपद अमरोहा से भट्टे पर लेबर भेजने के लिए 15 दिसम्बर को मिले ओर उसे मजदूर लाने के खर्च के लिए 52 हजार 500 रुपये देकर आ गए। कुछ समय बाद ही 15 परिवार ईंट-भट्ठे पर काम करने के लिए आ गए। जमादार ने लेबर की पेशगी के लिए दो लाख रुपये और लिए, बुधवार को जमादार अफजाल ने 25 हजार रुपये लिए थे।
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शुक्रवार को पुलिस के ईंट-भट्ठे पर पहुंचने के बाद पता चला कि दिल्ली लेबर कोर्ट में भट्ठा मालिक, मुनीम व जमादार अफजाल के खिलाफ मजदूरों ने मुकदमा दर्ज कराया है। एसओ मुनेंद्र पाल ने बताया की बंधक बनाने की बात गलत है। जमादार ने भट्ठा मालिक से दो लाख 75 हजार रुपये मजदूरों को देने के लिए लिए थे लेकिन उसने मजदूरों को पैसे नहीं दिए और भाग गया। इसी वजह से मजदूरों ने ईंट-भट्ठा मालिक, मुनीम व जमादार के खिलाफ दिल्ली लेबर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। अब सभी मजदूर अपने गांव चले गए हैं।
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