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श्रद्धालुओं ने की मां कालरात्रि की पूजा
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श्रद्धालुओं ने की मां कालरात्रि की पूजा
बड़ौत। नवरात्र के सातवें दिन भी श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि की मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की। पुजारियों ने देवी के स्वरूप पर प्रकाश डाला।
सातवें दिन शनिवार को श्रद्धालुओं ने उपवास रखा और नगर के पंचवटी मंदिर, पंचमुखी मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर रेलवे स्टेशन, ठाकुरद्वारा, पट्टी चौधरान शिवालय, विश्वकर्मा मंदिर, पंजाबी क्वार्टर मंदिर व अन्य मंदिरों में पूजा अर्चना कर कालरात्रि देवी की विशेष पूजा अर्चना की। शाम के समय महिलाओं ने मंदिरों में भजन-कीर्तन किए। पुजारियों ने मंदिरों में कालरात्रि की कथा सुनाई। पंडित आकाश भारद्वाज ने बताया कि कालरात्रि अर्थात काल को जीतने वाली। देवी के तीन स्वरूप हैं। जन्म, पालन और काल। सृष्टि संयोजन और संचालन इन्हीं काली मां की कृपा का फल है। माता काली की पूजा से सब काम सिद्ध हो जाते हैं।
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बड़ौत। नवरात्र के सातवें दिन भी श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि की मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की। पुजारियों ने देवी के स्वरूप पर प्रकाश डाला।
सातवें दिन शनिवार को श्रद्धालुओं ने उपवास रखा और नगर के पंचवटी मंदिर, पंचमुखी मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर रेलवे स्टेशन, ठाकुरद्वारा, पट्टी चौधरान शिवालय, विश्वकर्मा मंदिर, पंजाबी क्वार्टर मंदिर व अन्य मंदिरों में पूजा अर्चना कर कालरात्रि देवी की विशेष पूजा अर्चना की। शाम के समय महिलाओं ने मंदिरों में भजन-कीर्तन किए। पुजारियों ने मंदिरों में कालरात्रि की कथा सुनाई। पंडित आकाश भारद्वाज ने बताया कि कालरात्रि अर्थात काल को जीतने वाली। देवी के तीन स्वरूप हैं। जन्म, पालन और काल। सृष्टि संयोजन और संचालन इन्हीं काली मां की कृपा का फल है। माता काली की पूजा से सब काम सिद्ध हो जाते हैं।
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