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महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, गुजरात में बाढ़ से घटी केले की आवक
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ग्राहकों की बाट जौहता केला विक्रेता संजय
- फोटो : BARAUT
महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, गुजरात में बाढ़ से घटी केले की आवक
बड़ौत। महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश सहित कई स्थानों पर बाढ़ से केले की फसल बर्बाद होने के कारण इस बार सावन में केले की आवक घट गई। मेरठ मंडल में 1300 टन प्रतिदिन से घटकर 510 टन रह गई है। जिस कारण केले की कीमतें अनियंत्रित हो गईं हैं। इसका असर कांवड़ यात्रा पर ही नजर आ रहा है। कांवड़ शिविरों में भी केले काफी कम नजर आ रहे हैं। व्रत रखने वाले शिवभक्तों को परेशानी हो रही है। अच्छे केले का रेट 90 रुपये प्रति दर्जन तक पहुंच गया है।
सावन में कांवड़ लाने वाले शिवभक्त व्रत भी रखते हैं और उनका मुख्य आहार अन्य फलों के साथ केला होता है। लेकिन इस बार केले पर महंगाई चरम पर है। जिससे शिवभक्तों को केला उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब केले के दाम 80 से 90 रुपये दर्जन तक पहुंचे हैं। आशंका जताई जा रही है कि केले के दामों में और वृद्धि हो सकती है।
केले के दाम बढ़ने की यह है वजह
मंडी सचिव विनोद राणा के अनुसार मंडी में महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, कुंडली, दिल्ली सहित अन्य जगहों से केला आता है, लेकिन इस बार केले की आवक नाममात्र है। इस बार महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, गुजरात में बाढ़ के कारण केले की फसल बर्बाद हो गई है। जिस कारण इस बार आवक कम है। बागपत के अलावा शामली, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ सहित अन्य जिलों में ऐसे ही हालात बने हुए हैं।
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ये बोले केले के व्यापारी-------
- थोक व्यापारी शहजाद ने बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात सहित अन्य जगहों पर बाढ़ आने के कारण इस बार केला नहीं मिल पा रहा है। कमी के चलते दिनों दिन केले के दाम बढ़ रहे हैं।
- केला व्यापारी इमरान ने बताया कि इस बार कच्चे केले की आवक बिल्कुल बंद है, थोड़ी बहुत आवक पके हुए केले की है, जो पिछले साल के मुकाबले दो से तीन गुना दामों में मिल रहा है।
- पूरी उम्र में इतना महंगा केला नहीं सुना
बुजुर्ग रामकली ने बताया कि उम्र के अंतिम पड़ाव पर हूं, उम्र 70 हो चुकी है, लेकिन आज तक केले के दाम 80 से 90 रुपये दर्जन नहीं सुने हैं। वहीं रीनू व राजेश ने बताया कि इस बार भोलेनाथ का व्रत रखा हुआ है। लेकिन व्रत में खाने वाले फलों में केले, सेव, अमरूद सहित अन्य फलों के दामों में रोजाना इजाफा हो रहा है।
- ये बोले कांवड़ शिविर संचालक
नगर के लगे कांवड़ शिविर के संचालक विनोद ने बताया कि हर साल कांवड़ शिविर लगाते हैं, शिवभक्तों को केले सहित अन्य फल वितरित करते हैं, लेकिन इस बार जिस तरह से केले के दाम बढ़ रहे हैं, ऐसे में अन्य फल शिवभक्तों को बांटने के लिए लाने पड़ेंगे।
जनपद के नाम सामान्य दिनों में केले की आवक इस बार केले की आवक
बागपत 20 टन 40 टन
शामली 160 टन 60 टन
मुजफ्फरनगर 210 टन 80 टन
सहारनपुर 220 टन 100 टन
बिजनौर 250 टन 80 टन
मेरठ 320 टन 150 टन
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बड़ौत। महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश सहित कई स्थानों पर बाढ़ से केले की फसल बर्बाद होने के कारण इस बार सावन में केले की आवक घट गई। मेरठ मंडल में 1300 टन प्रतिदिन से घटकर 510 टन रह गई है। जिस कारण केले की कीमतें अनियंत्रित हो गईं हैं। इसका असर कांवड़ यात्रा पर ही नजर आ रहा है। कांवड़ शिविरों में भी केले काफी कम नजर आ रहे हैं। व्रत रखने वाले शिवभक्तों को परेशानी हो रही है। अच्छे केले का रेट 90 रुपये प्रति दर्जन तक पहुंच गया है।
सावन में कांवड़ लाने वाले शिवभक्त व्रत भी रखते हैं और उनका मुख्य आहार अन्य फलों के साथ केला होता है। लेकिन इस बार केले पर महंगाई चरम पर है। जिससे शिवभक्तों को केला उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब केले के दाम 80 से 90 रुपये दर्जन तक पहुंचे हैं। आशंका जताई जा रही है कि केले के दामों में और वृद्धि हो सकती है।
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केले के दाम बढ़ने की यह है वजह
मंडी सचिव विनोद राणा के अनुसार मंडी में महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, कुंडली, दिल्ली सहित अन्य जगहों से केला आता है, लेकिन इस बार केले की आवक नाममात्र है। इस बार महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, गुजरात में बाढ़ के कारण केले की फसल बर्बाद हो गई है। जिस कारण इस बार आवक कम है। बागपत के अलावा शामली, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ सहित अन्य जिलों में ऐसे ही हालात बने हुए हैं।
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ये बोले केले के व्यापारी-------
- थोक व्यापारी शहजाद ने बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात सहित अन्य जगहों पर बाढ़ आने के कारण इस बार केला नहीं मिल पा रहा है। कमी के चलते दिनों दिन केले के दाम बढ़ रहे हैं।
- केला व्यापारी इमरान ने बताया कि इस बार कच्चे केले की आवक बिल्कुल बंद है, थोड़ी बहुत आवक पके हुए केले की है, जो पिछले साल के मुकाबले दो से तीन गुना दामों में मिल रहा है।
- पूरी उम्र में इतना महंगा केला नहीं सुना
बुजुर्ग रामकली ने बताया कि उम्र के अंतिम पड़ाव पर हूं, उम्र 70 हो चुकी है, लेकिन आज तक केले के दाम 80 से 90 रुपये दर्जन नहीं सुने हैं। वहीं रीनू व राजेश ने बताया कि इस बार भोलेनाथ का व्रत रखा हुआ है। लेकिन व्रत में खाने वाले फलों में केले, सेव, अमरूद सहित अन्य फलों के दामों में रोजाना इजाफा हो रहा है।
- ये बोले कांवड़ शिविर संचालक
नगर के लगे कांवड़ शिविर के संचालक विनोद ने बताया कि हर साल कांवड़ शिविर लगाते हैं, शिवभक्तों को केले सहित अन्य फल वितरित करते हैं, लेकिन इस बार जिस तरह से केले के दाम बढ़ रहे हैं, ऐसे में अन्य फल शिवभक्तों को बांटने के लिए लाने पड़ेंगे।
जनपद के नाम सामान्य दिनों में केले की आवक इस बार केले की आवक
बागपत 20 टन 40 टन
शामली 160 टन 60 टन
मुजफ्फरनगर 210 टन 80 टन
सहारनपुर 220 टन 100 टन
बिजनौर 250 टन 80 टन
मेरठ 320 टन 150 टन