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बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा प्यार
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 30 Aug 2015 01:26 AM IST
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रक्षाबंधन का पर्व जिले में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाईयों की आरती उतारी और कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु की कामना की। भाईयों ने भी बहनों को उनके मनपसंद उपहार प्रदान किए और रक्षा का संकल्प लिया।
रक्षाबंधन पर सुबह से ही चहल पहल शुरू हो गई। रक्षाबंधन को लेकर जहां छोटे-छोटे बच्चों में क्रेज नजर आया, वहीं युवाओं में भी रक्षाबंधन का उत्साह रहा। विवाहित महिलाओं में तो रक्षा बंधन को लेकर काफी जोश रहा। भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए बहनें अपने भाइयों के घर पहुंचीं।
बहनों ने थाल सजाकर भाइयों को तिलक किया। आरती उतारी और कलाई पर रेशमी धागे से राखी बांधकर और मिठाई खिलाकर स्नेह और रक्षा की कामना की। भाइयों ने भी बहनों के लिए उनकी मनपसंद उपहार खरीदे।
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अधिकांश लोगों ने बहनों के लिए कपड़े, आभूषण के अलावा मोबाइल एवं अन्य उपहार खरीदे। जबकि युवाओं ने अपनी बहनों को चॉकलेट भी उपहार में दीं। भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लिया।
बाजार में रही भारी भीड़
रक्षाबंधन पर बाजार में विशेष रौनक रही। दुकानों पर आकर्षक राखियां सजाई गईं। बहनों ने भाइयों की कलाइयों के लिए सुंदर राखियां खरीदी। महिलाओं ने इस मौके पर मेंहदी भी लगवाई और बाजार में जमकर खरीदारी की। मिठाइयों की दुुकनों पर सुबह से ही भीड़ लगी रही।
कई घंटे रहा जाम
रक्षाबंधन पर बहनों को इस बार भी जाम के झाम से जूझना पड़ा। शहर में तो जाम की स्थिति बनी ही रही। लेकिन मेरठ रोड पर हिंडन पुल पर सुबह से शाम तक जाम लगा रहा। एक-एक वाहन हो निकलने में 6-6 घंटे लग गए। मेरठ की ओर तो डालूहेड़ा से भी आगे तक लंबी कतार लग गई, जबकि बागपत की ओर बालैनी तक वाहन फंसे रहे। यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई रही। पुलिस दिन भर जाम को खुलवाने के लिए मशक्कत करती रही, लेकिन वन वे पुल होने के कारण जाम शाम तक भी नहीं खुल सका।
रोडवेज हुई फेल
रक्षाबंधन पर रोडवेज की व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई। बहन-भाई के रेशमी धागों के स्नेह बंधन के सामने रोडवेज काफी कम पड़ गईं। लोगों को घंटों तक खड़े रहकर रोडवेज की बसों का इंतजार करना पड़ा। मांग किए जाने के बावजूद रोडवेज ने अतिरिक्त बसों की कोई व्यवस्था नहीं की।
हालत यह हो गई कि बहनों को बसों की खिडकियों पर लटकर, छतों पर बैठक सफर करना पड़ा। डग्गामार वाहनों का सहारा लेने के लिए विवश होना पड़ा। ट्रेनों में भी लोगों ने जान जोखिम में डालकर सफर किया।
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रक्षाबंधन पर सुबह से ही चहल पहल शुरू हो गई। रक्षाबंधन को लेकर जहां छोटे-छोटे बच्चों में क्रेज नजर आया, वहीं युवाओं में भी रक्षाबंधन का उत्साह रहा। विवाहित महिलाओं में तो रक्षा बंधन को लेकर काफी जोश रहा। भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए बहनें अपने भाइयों के घर पहुंचीं।
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बहनों ने थाल सजाकर भाइयों को तिलक किया। आरती उतारी और कलाई पर रेशमी धागे से राखी बांधकर और मिठाई खिलाकर स्नेह और रक्षा की कामना की। भाइयों ने भी बहनों के लिए उनकी मनपसंद उपहार खरीदे।
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अधिकांश लोगों ने बहनों के लिए कपड़े, आभूषण के अलावा मोबाइल एवं अन्य उपहार खरीदे। जबकि युवाओं ने अपनी बहनों को चॉकलेट भी उपहार में दीं। भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लिया।
बाजार में रही भारी भीड़
रक्षाबंधन पर बाजार में विशेष रौनक रही। दुकानों पर आकर्षक राखियां सजाई गईं। बहनों ने भाइयों की कलाइयों के लिए सुंदर राखियां खरीदी। महिलाओं ने इस मौके पर मेंहदी भी लगवाई और बाजार में जमकर खरीदारी की। मिठाइयों की दुुकनों पर सुबह से ही भीड़ लगी रही।
कई घंटे रहा जाम
रक्षाबंधन पर बहनों को इस बार भी जाम के झाम से जूझना पड़ा। शहर में तो जाम की स्थिति बनी ही रही। लेकिन मेरठ रोड पर हिंडन पुल पर सुबह से शाम तक जाम लगा रहा। एक-एक वाहन हो निकलने में 6-6 घंटे लग गए। मेरठ की ओर तो डालूहेड़ा से भी आगे तक लंबी कतार लग गई, जबकि बागपत की ओर बालैनी तक वाहन फंसे रहे। यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई रही। पुलिस दिन भर जाम को खुलवाने के लिए मशक्कत करती रही, लेकिन वन वे पुल होने के कारण जाम शाम तक भी नहीं खुल सका।
रोडवेज हुई फेल
रक्षाबंधन पर रोडवेज की व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई। बहन-भाई के रेशमी धागों के स्नेह बंधन के सामने रोडवेज काफी कम पड़ गईं। लोगों को घंटों तक खड़े रहकर रोडवेज की बसों का इंतजार करना पड़ा। मांग किए जाने के बावजूद रोडवेज ने अतिरिक्त बसों की कोई व्यवस्था नहीं की।
हालत यह हो गई कि बहनों को बसों की खिडकियों पर लटकर, छतों पर बैठक सफर करना पड़ा। डग्गामार वाहनों का सहारा लेने के लिए विवश होना पड़ा। ट्रेनों में भी लोगों ने जान जोखिम में डालकर सफर किया।