हाल-ए-बागपत: टूटे तटबंध से मचा हाहाकार, सामने मौत देख अटक रहीं सांसें, अफसरों की नाकामी से मुश्किल में कई गांव
हाल-ए-बागपत : बागपत में रात भर से टूटे हुए तटबंध से हाहाकार मचा हुआ है। वहीं, आंखों के सामने मौत देखकर लोगों की सांसें अटकीं हुईं हैं। उधर, प्रशासन तटबंध को ठीक करने में पूरी नाकाम रहा।
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बागपत में यमुना के टूटे तटबंध को ठीक करने में प्रशासन पूरी तरह फेल हो रहा है। बताया गया कि प्रशासन के अधिकारी रात भार यमुना के तटबंध को ठीक नहीं कर सके। वहीं, पानी का तेज बहाव होने के कारण कटाव होने से उसकी चौड़ाई बढ़ती जा रही है।
तटबंध टूटने से सुभानपुर व अब्दुलपुर गांव जलमग्न हो गए हैं। वहीं, गाजियाबाद के कई गांवों के अलावा लोनी व ट्रेनिका सिटी भी जलमग्न हो गई। लोगों को छतों व बाहरी सड़कों पर जागकर रात काटनी पड़ी।
वहीं सुभानपुर, अब्दुलपुर, सांकरौद समेत आसपास के गांवों की पांच हजार बीघा से अधिक सब्जी, धान, ज्वार और गन्ने की फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि फसलें डूबने से सारी मेहनत बर्बाद हो गई है।
सुभानपुर गांव में बृहस्पतिवार को यमुना का तटबंध टूटने से सुभानपुर और अब्दुलपुर गांव में जलभराव हो गया है। यमुना का तटबंध के कटान की चौड़ाई लगातार बढ़ती जा रही है। उधर, प्रशासन हार मानकर रात में वापस लौट आया था। अब यमुना का जलस्तर कम होने पर इसे ठीक कराया जाएगा।
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बताया गया कि ग्रामीण पूरी रात दहशत में रहे। किसानों का कहना है कि सालभर की खून-पसीने की मेहनत बर्बाद हो गई है। कहा कि जलभराव होने से सब्जी के साथ ही धान व चारे की फसल भी खराब हो जाएगी।
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