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Big Action: बागपत में इंस्पेक्टर, दरोगा और छह सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, वर्दी पर फिर उठे सवाल?

Thu, 25 Sep 2025 05:38 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: डिंपल सिरोही Updated Thu, 25 Sep 2025 05:38 PM IST
सार

बागपत के बड़ौत कस्बे में अवैध हिरासत और फर्जी मुकदमा दर्ज करने का बड़ा मामला सामने आया है। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन इंस्पेक्टर, दरोगा और छह सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

 

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Baghpat: Inspector, SI and six constables booked for illegal custody and fake case
पुलिस पर मुकदमा

विस्तार

बागपत जनपद पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई हुई है। जिले के बड़ौत कस्बे में पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रत्नम श्रीवास्तव के आदेश पर तत्कालीन थाना प्रभारी अजय शर्मा, एसआई मुकेश, हेड कांस्टेबल वरुण वीर सिंह और कांस्टेबल हरीश कुमार, अंशुल कुमार, अजीत सिंह, रोहित भाटी व देवेश के खिलाफ गुरुवार को मुकदमा दर्ज किया गया।

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यह मामला जनवरी 2021 का है। सरोज नामक महिला ने याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके बेटे मोहित को अवैध रूप से हिरासत में लिया और पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद दिखाकर फर्जी मामले में जेल भेज दिया। सरोज का कहना था कि गांव की एक महिला से विवाद के चलते उनके परिवार को जानबूझकर फंसाया गया।

शिकायत के अनुसार, 12 जनवरी को पुलिसकर्मी उनके घर आए और बेटे के बारे में पूछताछ की। दो दिन बाद खेत से लौटते समय उनके बेटे अमित को पकड़ लिया गया और थाने में रखने के साथ अभद्रता भी की गई। महिला का आरोप है कि उन्हें धमकाया गया कि अगर थाने से नहीं गईं तो बेटे का एनकाउंटर कर दिया जाएगा।

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उन्होंने बताया कि बेटे को 19 जनवरी तक हिरासत में रखा गया और बाद में चोरी का फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। जबकि सीसीटीवी फुटेज से साबित हुआ कि पुलिस उनके घर पर बरामदगी की कहानी पूरी तरह से झूठी थी।

सीजेएम ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 16 सितंबर को आदेश दिया कि संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। आदेश के बाद गुरुवार को केस दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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