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दीपावली पर बन रहा शुभ संयोग, मुहूर्त में पूजा करने से मिलेगा विशेष फल
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बागपत। इस बार दीपावली पर शुभ संयोग बन रहा है। धन तेरस पर शाम पांच बजकर 50 मिनट से रात साढ़े आठ बजे और दीपावली पर शाम छह बजकर पांच मिनट से रात आठ बजकर 14 मिनट तक विशेष मुहूर्त है। इस शुभ मुहूर्त में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि पांच दिन तक चलने वाला दीपावली का त्योहार मंगलवार धनतेरस से शुरू होगा। इस दिन धन के देवता कुबेर भगवान और धनवंतरि भगवान की पूजा की जाती है। धन तेरस पर सोना, चांदी व पीतल के बर्तन खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। धनतेरस पर शाम पांच बजकर 50 से रात्रि साढ़े आठ बजे तक उत्तम मुहूर्त रहेगा। तीन नवंबर को नरक चौदस पर भगवान विष्णु की पूजा करने से उत्तम सौंदर्य की प्राप्ति होती है। शाम के समय दरवाजे के दोनों तरफ दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। चार नवंबर को दीपावली महापर्व पर दुर्लभ संयोग में बन रहा है। दीपावली पर सूर्य, चंद्रमा, मंगल व बुध तुला राशि और गुरु एवं शनि मकर राशि में विद्यमान रहेंगे। दिवाली पर पूजन का विशेष मुहूर्त शाम को छह बजकर पांच मिनट से रात्रि आठ बजकर 16 मिनट तक रहेगा। पांच नवंबर को गोवर्धन अन्नकूट का पर्व मनाया जाएगा। गोवर्धन पर भगवान विश्वकर्मा व भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग अर्पित किया जाता है। पूजा का उत्तम समय शाम छह बजे से शाम सवा सात बजे तक रहेगा। छह नवंबर को भाईदूज का पर्व मनाया जाएगा। पर्व का शुभ समय दिन मे 11 बजकर दोपहर तीन बजकर 21 मिनट तक रहेगा।
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ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि पांच दिन तक चलने वाला दीपावली का त्योहार मंगलवार धनतेरस से शुरू होगा। इस दिन धन के देवता कुबेर भगवान और धनवंतरि भगवान की पूजा की जाती है। धन तेरस पर सोना, चांदी व पीतल के बर्तन खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। धनतेरस पर शाम पांच बजकर 50 से रात्रि साढ़े आठ बजे तक उत्तम मुहूर्त रहेगा। तीन नवंबर को नरक चौदस पर भगवान विष्णु की पूजा करने से उत्तम सौंदर्य की प्राप्ति होती है। शाम के समय दरवाजे के दोनों तरफ दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। चार नवंबर को दीपावली महापर्व पर दुर्लभ संयोग में बन रहा है। दीपावली पर सूर्य, चंद्रमा, मंगल व बुध तुला राशि और गुरु एवं शनि मकर राशि में विद्यमान रहेंगे। दिवाली पर पूजन का विशेष मुहूर्त शाम को छह बजकर पांच मिनट से रात्रि आठ बजकर 16 मिनट तक रहेगा। पांच नवंबर को गोवर्धन अन्नकूट का पर्व मनाया जाएगा। गोवर्धन पर भगवान विश्वकर्मा व भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग अर्पित किया जाता है। पूजा का उत्तम समय शाम छह बजे से शाम सवा सात बजे तक रहेगा। छह नवंबर को भाईदूज का पर्व मनाया जाएगा। पर्व का शुभ समय दिन मे 11 बजकर दोपहर तीन बजकर 21 मिनट तक रहेगा।
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