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सिपाही को गोली मारने वाला गिरफ्तार, विरोध में वकीलों का हंगामा

Thu, 23 Sep 2021 11:29 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 11:29 PM IST
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Arrested the person who shot the soldier, lawyers protest in protest
बागपत कोतवाली में हंगामा करते अधिवक्ता - फोटो : BAGHPAT
बागपत। सिपाही अरुण कुमार को गोली मारने में शामिल एक आरोपी को पुलिस ने पाली गांव के पास बुधवार रात मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी भाग गए। आरोपी को पैर में दो गोली लगी है। पुलिस ने उसे बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया तो वकीलों ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए कचहरी परिसर में घंटों तक हंगामा किया। पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करने की तहरीर लेने के बाद ही वकील शांत हुए।
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जनपद हापुड़ के गांव नली निवासी सिपाही अरुण कुमार आठ सितंबर की देर शाम बागपत पुलिस लाइन से बाइक से खेकड़ा में ड्यूटी पर जा रहा था। बंदपुर मोड़ पर बाइक सवारों ने उसे गोली मार दी थी। सिपाही को तुरंत ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बागपत कोतवाली पुलिस तभी से सिपाही को गोली मारने वालों की तलाश में लगी थी। एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि कोतवाली पुलिस व सर्विलांस टीम को बुधवार रात पाली गांव के पास बदमाशों के होने की सूचना मिली। टीम मौके पर पहुंची तो बदमाशों ने पुलिस को देखकर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने उसको पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी फरार हो गए। पुलिस के अनुसार पकड़े गए युवक का नाम किरणपाल पुत्र बाबूराम निवासी महेशपुर चोपड़ा है। वर्तमान में वह चीलघर रोड बागपत पर रहता है। उसके साथी विनोद उर्फ कल्लू निवासी महेशपुर चोपड़ा व लोकेश निवासी चीलघर रोड बागपत फरार हो गए। किरणपाल के पास से पुलिस ने एक तमंचा व दो कारतूस बरामद दिखाए है।
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एसपी के अनुसार आरोपी किरणपाल की कचहरी के बाहर चाय की दुकान है। सिपाही अरुण की वहां ड्यूटी के दौरान उससे दोस्ती हो गई थी। इसके अलावा दोनों के बच्चे एक ही स्कूल में पढ़ते है। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना भी है। सिपाही अरुण का अपनी पत्नी के साथ कई बार झगड़ा हो जाता था, जिसको देखकर किरणपाल ने उसकी पत्नी को मेसेज व फोन करने शुरू कर दिए। इसका पता चलने पर सिपाही अरुण ने किरणपाल को धमका दिया। इसके बाद ही किरणपाल ने अपने गांव के विनोद उर्फ कल्लू को सिपाही अरुण को गोली मारने के लिए तैयार किया। एसपी के अनुसार किरणपाल ने सिपाही अरुण की पूरी रेकी की और विनोद, लोकेश व एक अन्य ने गोली मारी। पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगी है।
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गोली मारने के लिए दिए एक लाख रुपये
एसपी नीरज कुमार जादौन के मुताबिक किरणपाल ने सिपाही अरुण कुमार को गोली मारने के लिए विनोद उर्फ कल्लू को एक लाख रुपये दिए थे। गोली मारने के दौरान किरणपाल भी मौके पर ही मौजूद था।
सिपाही ने रक्षाबंधन पर पत्नी से बंधवाई थी किरणपाल को राखी
सिपाही अरुण को जब पता लगा कि किरणपाल उसकी पत्नी को मेसेज व फोन करता है तो उसने इसका विरोध जताया। साथ ही पत्नी से किरणपाल को रक्षाबंधन पर घर बुलाकर राखी भी बंधवाई थी। एसपी ने बताया कि सिपाही अरुण के साथ घटना होने के बाद किरणपाल घर आया था। दोनों गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल भी गए थे, जहां सिपाही अरुण भर्ती था। सिपाही जब तक अस्पताल में रहा था, इस बीच किरणपाल कई बार वहां जाता रहा।
वकीलों ने लगाया फर्जी मुठभेड़ का आरोप, दोबारा होगा मेडिकल
सिपाही अरुण को गोली मारने के आरोपी किरणपाल को पुलिस ने बुधवार रात को पैरों में गोली लगने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। बृहस्पतिवार दोपहर को किरणपाल को पुलिस कोर्ट में लेकर पहुंची। इसका पता चलते ही कई वकीलों ने पुलिस का घेराव करके हंगामा शुरू कर दिया। आरोपी किरणपाल का एक रिश्तेदार वकील है। उसने अन्य वकीलों से बताया कि किरणपाल को पुलिस ने दो दिन पहले पकड़ा था और वह कई बार थाने में उससे मिलने गए। वकीलों का आरोप था कि किरणपाल की थाने में पिटाई करते हुए उत्पीड़न किया गया और फर्जी मुठभेड़ में उसे गोली मार दी गई। वकीलों के हंगामा करने का पता चलने पर सीओ बागपत अनुज मिश्र, सीओ बड़ौत आलोक सिंह, एसडीएम अनुभव सिंह पुलिस बल के साथी कचहरी परिसर में पहुंच गए। वकीलों ने कहा कि जब तक पुलिस वालों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज नहीं होगा, तब तक किरणपाल को जेल नहीं जाने दिया जाएगा। जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री महेंद्र बंसल ने बताया कि पुलिस कर्मियों के खिलाफ तहरीर दी गई और किरणपाल का दोबारा मेडिकल कराने के आदेश न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिए है। मेडिकल के लिए मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की जाएगी तो पांच वकील भी मौजूद रहेंगे और डाक्टरों के बोर्ड से मेडिकल कराते हुए वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी। इसके बाद ही वकील शांत हुए।

घटना के खुलासे में शामिल पुलिस को 25 हजार का इनाम
एसपी नीरज कुमार जादौन ने आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा, हेड कांस्टेबल वरुणवीर सिंह, कांस्टेबल देवेश कसाना, रोहित, अजित सिंह, सर्विलांस सेल के प्रभारी नितिन पांडेय, कांस्टेबल दीपक कुमार, अरुण कुमार, अनूप कुमार को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
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