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एसपी पर हमले में आकाश जाट और अमित भूरा दोषी करार
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एसपी पर हमले में आकाश जाट और अमित भूरा दोषी करार
15 नवंबर 2015 की रात रमाला थाना क्षेत्र में की थी एसपी पर फायरिंग, मौके से दोनों हुए थे गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। पांच साल पहले जिले के पुलिस कप्तान रहे रवि शंकर छवि पर जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने कुख्यात आकाश जाट और उसके साथी अमित भूरा को दोषी करार दिया है। एडीजे चतुर्थ आबिद शमीम ने सुनवाई की। अदालत में हाजिर नहीं होने पर अमित भूरा के गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं।
एडीजीसी फौजदारी अनुज ढाका ने बताया कि 15 नवंबर 2015 की रात तत्कालीन एसपी रवि शंकर छवि रमाला थाना क्षेत्र में गश्त पर थे। मुखबिर ने सूचना दी कि कुख्यात पांच हजार रुपये का इनामी आकाश जाट अपने एक साथी के साथ रमाला नहर पुलिया से गुजरने वाला है। एसपी, सीओ क्राइम एनपी सिंह और रमाला थाना पुलिस ने चेकिंग शुरू कर दी। रात करीब 11:45 बजे एक स्विफ्ट कार को एसपी ने रुकने का इशारा किया, लेकिन कार सवार युवकों ने उन पर फायरिंग कर दी। पुलिस कप्तान ने खुद को किसी तरह बचाया। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर कार सवार शामली के मोहल्ला नंदू प्रसाद निवासी आकाश जाट और रमाला क्षेत्र के किरठल गांव निवासी अमित भूरा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने दो पिस्टल बरामद किए। प्रकरण की सुनवाई एडीजे चतुर्थ आबिद शमीम की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। अदालत ने बृहस्पतिवार को दोनों अभियुक्तों पर दोष सिद्ध किया। सजा के प्रश्न पर सुनवाई 21 सितंबर को होगी। रवि शंकर छवि वर्तमान में लखनऊ में तैनात हैं।
डी-46 गैंग का सरगना, सूबे के टॉप-20 माफिया में शामिल है आकाश जाट
बागपत। पांच साल पहले तत्कालीन एसपी पर जानलेवा हमले के मामले में दोषी ठहराया गया आकाश जाट डी-46 गैंग का सरगना है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई माफियाओं की सूची में वह शामिल रहा। अपराध का शातिर खिलाड़ी गाजियाबाद जेल में बंद है। पुलिस उसकी संपत्ति का आकलन करने में जुटी है। पांच साल पहले रमाला थाने के नहर पुल पर तत्कालीन एसपी रवि शंकर छवि पर आकाश जाट ने गोली चलाई थी। एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि एडीजे चतुर्थ आबिद शमीम ने आकाश जाट और अमित भूरा पर दोष सिद्ध किया। डी 46 गैंग के सरगना आकाश जाट पर हत्या, हत्या का प्रयास और लूट के 14 अभियोग दर्ज हैं। अभियुक्त को शासन की टॉप 20 माफियाओं की सूची में शामिल किया गया है। उधर, एसपी रवि शंकर छवि वर्तमान में लखनऊ में 1090 हेल्पलाइन सेवा में एसपी हैं। डीजीसी सुनील पंवार ने बताया कि अभियोजन की पैरवी की बदौलत ही दोष सिद्ध हुआ है। मुकदमे के वादी खुद एसपी थे और उन्होंने अदालत में हाजिर होकर गवाही भी दी थी।
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अदालत में हाजिर नहीं थे अभियुक्त
बागपत। एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि दोनों अभियुक्त अदालत में हाजिर नहीं थे। आकाश जाट गाजियाबाद जेल में बंद है, पुलिस उसे लेकर पेशी पर नहीं पहुंची। कोर्ट ने एसपी गाजियाबाद को 21 सितंबर को अदालत में आकाश को पेशी पर लाने के लिए पत्र लिखा है। इसके अलावा अमित भूरा जमानत पर है। सुनवाई के दौरान वह अदालत नहीं पहुंचा। अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किए और पुलिस को आदेश दिए कि अभियुक्त को गिरफ्तार कर 21 सितंबर को अदालत में पेश करें।
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15 नवंबर 2015 की रात रमाला थाना क्षेत्र में की थी एसपी पर फायरिंग, मौके से दोनों हुए थे गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। पांच साल पहले जिले के पुलिस कप्तान रहे रवि शंकर छवि पर जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने कुख्यात आकाश जाट और उसके साथी अमित भूरा को दोषी करार दिया है। एडीजे चतुर्थ आबिद शमीम ने सुनवाई की। अदालत में हाजिर नहीं होने पर अमित भूरा के गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं।
एडीजीसी फौजदारी अनुज ढाका ने बताया कि 15 नवंबर 2015 की रात तत्कालीन एसपी रवि शंकर छवि रमाला थाना क्षेत्र में गश्त पर थे। मुखबिर ने सूचना दी कि कुख्यात पांच हजार रुपये का इनामी आकाश जाट अपने एक साथी के साथ रमाला नहर पुलिया से गुजरने वाला है। एसपी, सीओ क्राइम एनपी सिंह और रमाला थाना पुलिस ने चेकिंग शुरू कर दी। रात करीब 11:45 बजे एक स्विफ्ट कार को एसपी ने रुकने का इशारा किया, लेकिन कार सवार युवकों ने उन पर फायरिंग कर दी। पुलिस कप्तान ने खुद को किसी तरह बचाया। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर कार सवार शामली के मोहल्ला नंदू प्रसाद निवासी आकाश जाट और रमाला क्षेत्र के किरठल गांव निवासी अमित भूरा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने दो पिस्टल बरामद किए। प्रकरण की सुनवाई एडीजे चतुर्थ आबिद शमीम की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। अदालत ने बृहस्पतिवार को दोनों अभियुक्तों पर दोष सिद्ध किया। सजा के प्रश्न पर सुनवाई 21 सितंबर को होगी। रवि शंकर छवि वर्तमान में लखनऊ में तैनात हैं।
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डी-46 गैंग का सरगना, सूबे के टॉप-20 माफिया में शामिल है आकाश जाट
बागपत। पांच साल पहले तत्कालीन एसपी पर जानलेवा हमले के मामले में दोषी ठहराया गया आकाश जाट डी-46 गैंग का सरगना है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई माफियाओं की सूची में वह शामिल रहा। अपराध का शातिर खिलाड़ी गाजियाबाद जेल में बंद है। पुलिस उसकी संपत्ति का आकलन करने में जुटी है। पांच साल पहले रमाला थाने के नहर पुल पर तत्कालीन एसपी रवि शंकर छवि पर आकाश जाट ने गोली चलाई थी। एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि एडीजे चतुर्थ आबिद शमीम ने आकाश जाट और अमित भूरा पर दोष सिद्ध किया। डी 46 गैंग के सरगना आकाश जाट पर हत्या, हत्या का प्रयास और लूट के 14 अभियोग दर्ज हैं। अभियुक्त को शासन की टॉप 20 माफियाओं की सूची में शामिल किया गया है। उधर, एसपी रवि शंकर छवि वर्तमान में लखनऊ में 1090 हेल्पलाइन सेवा में एसपी हैं। डीजीसी सुनील पंवार ने बताया कि अभियोजन की पैरवी की बदौलत ही दोष सिद्ध हुआ है। मुकदमे के वादी खुद एसपी थे और उन्होंने अदालत में हाजिर होकर गवाही भी दी थी।
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अदालत में हाजिर नहीं थे अभियुक्त
बागपत। एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि दोनों अभियुक्त अदालत में हाजिर नहीं थे। आकाश जाट गाजियाबाद जेल में बंद है, पुलिस उसे लेकर पेशी पर नहीं पहुंची। कोर्ट ने एसपी गाजियाबाद को 21 सितंबर को अदालत में आकाश को पेशी पर लाने के लिए पत्र लिखा है। इसके अलावा अमित भूरा जमानत पर है। सुनवाई के दौरान वह अदालत नहीं पहुंचा। अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किए और पुलिस को आदेश दिए कि अभियुक्त को गिरफ्तार कर 21 सितंबर को अदालत में पेश करें।