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किसान दिवस का किया बहिष्कार, नारेबाजी की
Baghpat
Updated Thu, 23 May 2013 05:30 AM IST
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बागपत। किसानों के आरोपों पर जिला पूर्ति आधिकारी ने आपा खोया तो किसान भड़क उठे। उन्होंने किसान दिवस का बहिष्कार कर दिया और कलक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठकर प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी आरंभ कर दी। अधिकारियों से किसानों की जमकर नोकझोंक हुई। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के माफी मांगने पर किसान शांत हुए और किसान दिवस में समस्याएं रखीं।
बुधवार को किसान दिवस जैसे ही आरंभ हुआ किसानों ने जिलाधिकारी के समक्ष गैस एजेंसियों की मनमानी की शिकायत की। गैस कनेक्शन न दिए जाने पर जिला पूर्ति विभाग के एक अधिकारी ने विभाग एवं प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने की बात कही। इस पर किसानों ने जिला पूर्ति अधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा डाला।
इसी दौरान जिला पूर्ति अधिकारी विजया प्रभा किसान दिवस में पहुंची, उन पर भी किसानों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया जिस पर डीएसओ आपा खो बैठीं और आरोप लगा रहे किसानों से कहा कि बकवास बंद करो, किसी भी अधिकारी को कुछ भी कह रहे हो। डीएसओ का इतना कहना ही मुसीबत बन गया। किसानों ने डीएम पर अधीनस्थों पर कंट्रोल न होने का आरोप लगाते हुए किसान दिवस का बहिष्कार कर डाला। किसान बाहर आकर धरने पर बैठ गए और प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इस दौरान अधिकारियों की किसानों से जमकर नोकझोंक हुई।
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आखिरकार डीएसओ एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा माफी मांगने पर किसान शांत हुए। एडीएम सुरेंद्र राम ने सभी कनेक्शन के कागज मंगाकर उनकी जांच कराने के बाद कनेक्शन दिलाने का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी हर्ष तन्खा की अध्यक्षता में हुए किसान दिवस में सर्वाधिक समस्याएं पावर कार्पोरेशन और सिंचाई विभाग की रहीं। किसानों का कहना था कि रजवाहों में 20-20 साल से पानी नहीं आया है, किसानों की फसलें हर साल या तो सूख जातीं हैं या पानी बाहर से खरीदना पड़ता है। इसके अलावा विकास प्राधिकरण के गठन पर आपत्ति उठाई और भूमि अधिग्रहण न होने देने का ऐलान किया।
इस मौके पर एडीएम सुरेंद्र राम, एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव, डीआरडीए पीडी मथुरा प्रसाद मिश्रा, उपकृषि निदेशक धुरेंद्र कुमार, पावर कार्पोरेशन के एसई डीके गर्ग, एक्सईएन सतगुरु श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
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बुधवार को किसान दिवस जैसे ही आरंभ हुआ किसानों ने जिलाधिकारी के समक्ष गैस एजेंसियों की मनमानी की शिकायत की। गैस कनेक्शन न दिए जाने पर जिला पूर्ति विभाग के एक अधिकारी ने विभाग एवं प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने की बात कही। इस पर किसानों ने जिला पूर्ति अधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा डाला।
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इसी दौरान जिला पूर्ति अधिकारी विजया प्रभा किसान दिवस में पहुंची, उन पर भी किसानों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया जिस पर डीएसओ आपा खो बैठीं और आरोप लगा रहे किसानों से कहा कि बकवास बंद करो, किसी भी अधिकारी को कुछ भी कह रहे हो। डीएसओ का इतना कहना ही मुसीबत बन गया। किसानों ने डीएम पर अधीनस्थों पर कंट्रोल न होने का आरोप लगाते हुए किसान दिवस का बहिष्कार कर डाला। किसान बाहर आकर धरने पर बैठ गए और प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इस दौरान अधिकारियों की किसानों से जमकर नोकझोंक हुई।
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आखिरकार डीएसओ एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा माफी मांगने पर किसान शांत हुए। एडीएम सुरेंद्र राम ने सभी कनेक्शन के कागज मंगाकर उनकी जांच कराने के बाद कनेक्शन दिलाने का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी हर्ष तन्खा की अध्यक्षता में हुए किसान दिवस में सर्वाधिक समस्याएं पावर कार्पोरेशन और सिंचाई विभाग की रहीं। किसानों का कहना था कि रजवाहों में 20-20 साल से पानी नहीं आया है, किसानों की फसलें हर साल या तो सूख जातीं हैं या पानी बाहर से खरीदना पड़ता है। इसके अलावा विकास प्राधिकरण के गठन पर आपत्ति उठाई और भूमि अधिग्रहण न होने देने का ऐलान किया।
इस मौके पर एडीएम सुरेंद्र राम, एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव, डीआरडीए पीडी मथुरा प्रसाद मिश्रा, उपकृषि निदेशक धुरेंद्र कुमार, पावर कार्पोरेशन के एसई डीके गर्ग, एक्सईएन सतगुरु श्रीवास्तव उपस्थित रहे।