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आठ राजकीय विद्यालयों में शिक्षक संभाल रहे प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी

Tue, 09 Mar 2021 11:29 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 11:29 PM IST
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66 assistant teachers in state schools
- 19 राजकीय विद्यालय जिले में, इनमें आठ प्रवक्ताओं की भी कमी
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- आठ राजकीय विद्यालयों में शिक्षक संभाल रहे प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी
- नौ विद्यालयों में 16 क्लर्क और 51 चतुर्थ कर्मचारियों का अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में 13 राजकीय हाईस्कूल और छह राजकीय कन्या इंटर कॉलेज है। इनमें से 66 सहायक अध्यापकों की कमी है। आठ राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में में प्रधानाचार्य न होने से उनकी जिम्मेदारी शिक्षक संभाल रहे है। इसके अलावा नौ विद्यालयों में 16 क्लर्क और 51 चतुर्थ कर्मचारियों का अभाव है। यहां प्रधानाचार्य ही अपने स्तर से इनसे जुड़े कार्य कराते है। पांच पार्ट टाइम अध्यापकों के सहारे शिक्षण कार्य कराया जा रहा है।
राजकीय हाईस्कूल चौबली, राजकीय कन्या हाईस्कूल सूप, राजकीय कन्या हाईस्कूल गांगनौली के अलावा जीजीआईसी तुगाना, अंगदपुर, दाहा, बाबाली, और जहानगढ़ उर्फ दौझा में प्रधानाचार्य के पद रिक्त है। इनमें शिक्षक ही प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे है। 18 राजकीय कन्या हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही तैनात नहीं है। केवल राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बावली में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है। क्लर्क के अभाव में प्रधानाचार्य शिक्षकों के सहयोग से पत्राचार व अन्य कार्य संभाल रहे है। छात्र-छात्राओं का शिक्षण प्रभावित न हो, इसके लिए जीजीआईसी बागपत में पांच पार्ट टाइम शिक्षकों के सहारे कार्य कराया जा रहा है।
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जिले के राजकीय विद्यालयों में कर्मचारियों की ब्योरा
पद स्वीकृत कार्यरत रिक्त
प्रधानाचार्य 19 11 08
सहायक अध्यापक 160 94 66
क्लर्क 26 10 16
चतुर्थ श्रेणी 53 02 51
पद स्वीकृत कार्यरत रिक्त
प्रधानाचार्य 19 11 08
प्रवक्ता 51 14 37
सहायक अध्यापक 160 94 66
क्लर्क 26 10 16
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 53 02 51
राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति आयोग से की जाती है। जिन विद्यालयों में प्रधानाचार्यों का अभाव है, वहां पर शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। क्लर्क के अभाव में विद्यालय के प्रधानाचार्य शिक्षकों की मदद से पत्राचार व अन्य कार्य देखते है। शिक्षकों के अभाव में बच्चों का शिक्षण प्रभावित न हो इसके लिए पार्ट टाइम अध्यापकों की व्यवस्था कराई गई है। - अंतरिक्ष कुमार, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक।
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