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जानलेवा न बन जाएं मोबाइल टावर
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:05 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
प्रशासन की कोई खास अनुमति लिए बगैर क्षेत्र में धड़ल्ले से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल नेटवर्क स्थापित किए जा रहे हैं जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकते हैं।
नेटवर्क बढ़ाने के लिए मोबाइल कंपनियां जगह-जगह अपने मोबाइल टावर तो खड़े कर दिए हैं, लेकिन इनको लगाने में पर्याप्त चौकसी नहीं बरती जा रही है। यदि गिनती की बात की जाएं तो नगर की प्रत्येक मार्ग पर विभिन्न गलियों में कंपनियों में इतने टावर लगा रखे हैं कि छत पर खड़े होकर देखने से टावर ही टावर नजर आते हैं। अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों से लेकर हाईटेंशन लाइनों के करीब से होकर खड़े ये टावर कभी भी किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं। अधिकांश टावर तो दो मंजिला भवन पर स्थापित किए हैं जो हाईवे से भी सटे भवन हैं। यदि एक भी टावर भरी बस्ती पर गिर जाएं तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी बड़ी घटना घट सकती। प्रशासन ने चुप्पी साधे है। इस संबंध में एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा इस प्रकार के कंपनी टावर संचालकों को चिहित कर उनसे दस्तावेज और आवश्यक मानक तैयार कराएं जा रहे हैं। वहीं अवैध रूप से लगे टावरों को बस्ती से हटाया जाएगा।
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प्रशासन की कोई खास अनुमति लिए बगैर क्षेत्र में धड़ल्ले से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल नेटवर्क स्थापित किए जा रहे हैं जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकते हैं।
नेटवर्क बढ़ाने के लिए मोबाइल कंपनियां जगह-जगह अपने मोबाइल टावर तो खड़े कर दिए हैं, लेकिन इनको लगाने में पर्याप्त चौकसी नहीं बरती जा रही है। यदि गिनती की बात की जाएं तो नगर की प्रत्येक मार्ग पर विभिन्न गलियों में कंपनियों में इतने टावर लगा रखे हैं कि छत पर खड़े होकर देखने से टावर ही टावर नजर आते हैं। अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों से लेकर हाईटेंशन लाइनों के करीब से होकर खड़े ये टावर कभी भी किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं। अधिकांश टावर तो दो मंजिला भवन पर स्थापित किए हैं जो हाईवे से भी सटे भवन हैं। यदि एक भी टावर भरी बस्ती पर गिर जाएं तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी बड़ी घटना घट सकती। प्रशासन ने चुप्पी साधे है। इस संबंध में एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा इस प्रकार के कंपनी टावर संचालकों को चिहित कर उनसे दस्तावेज और आवश्यक मानक तैयार कराएं जा रहे हैं। वहीं अवैध रूप से लगे टावरों को बस्ती से हटाया जाएगा।
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