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लोक लुभावन होगा आम बजट, लोगों को हैं उम्मीदें
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खेकड़ा (बागपत)
चुनावी साल होने के कारण इस बार एक फरवरी को पेश होने वाला केंद्रीय बजट राहत देने वाला होगा। ऐसी उम्मीद खेकड़ा नगर के प्रमुख लोगों ने जताई। उनका कहना है कि आयकर में छूट की सीमा बढ़नेे, जीएसटी की दरें घटने की उम्मीद है। नौकरी पेशा, किसानों, महिलाओं, उद्यमियों और कारोबारियों को बजट में काफी राहत मिलेगी।
व्यापारी आकाश जैन ने कहा कि उदारीकरण से हर वर्ग को लाभ नहीं मिला। अबकी सरकार हाशिए पर खड़े लोगों को राहत देने की जरूर सोचेगी। व्यापारी तरूण गुप्ता का कहना है कि सरकार को आयकर दाताओं का दायरा बढ़ाना चाहिए। उनकी संख्या बढ़ने पर आम आदमी को कर से राहत मिलेगी। किसानों को सहकारिता से जोड़कर उन्हें लाभ दिया जाना चाहिए। व्यापारी नरेश कुमार जैन का कहना है कि सरकार को कर दायरे में और राहत देना चाहिए। जीएसटी घटाने के साथ कर दायरे में राहत मिलने से नौकरी पेशा और व्यापारी दोनों को राहत मिलेगी। व्यापारी सुरेश सिंघल का कहना है कि जीएसटी से संबंधित सभी नवीनतम संशोधनों का प्रचार प्रसार जनपद स्तर पर भी हिंदी भाषा में की जानी चाहिए। जीएसटी निगरानी एवं परामर्श समिति का गठन किया जाए ताकि आम जन और व्यापारी का उत्पीड़न रोका जा सके।
बाजार को बेहतर तरीके से चलाने के लिए खेती किसानी को प्राथमिकता देनी होगी।
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चुनावी साल होने के कारण इस बार एक फरवरी को पेश होने वाला केंद्रीय बजट राहत देने वाला होगा। ऐसी उम्मीद खेकड़ा नगर के प्रमुख लोगों ने जताई। उनका कहना है कि आयकर में छूट की सीमा बढ़नेे, जीएसटी की दरें घटने की उम्मीद है। नौकरी पेशा, किसानों, महिलाओं, उद्यमियों और कारोबारियों को बजट में काफी राहत मिलेगी।
व्यापारी आकाश जैन ने कहा कि उदारीकरण से हर वर्ग को लाभ नहीं मिला। अबकी सरकार हाशिए पर खड़े लोगों को राहत देने की जरूर सोचेगी। व्यापारी तरूण गुप्ता का कहना है कि सरकार को आयकर दाताओं का दायरा बढ़ाना चाहिए। उनकी संख्या बढ़ने पर आम आदमी को कर से राहत मिलेगी। किसानों को सहकारिता से जोड़कर उन्हें लाभ दिया जाना चाहिए। व्यापारी नरेश कुमार जैन का कहना है कि सरकार को कर दायरे में और राहत देना चाहिए। जीएसटी घटाने के साथ कर दायरे में राहत मिलने से नौकरी पेशा और व्यापारी दोनों को राहत मिलेगी। व्यापारी सुरेश सिंघल का कहना है कि जीएसटी से संबंधित सभी नवीनतम संशोधनों का प्रचार प्रसार जनपद स्तर पर भी हिंदी भाषा में की जानी चाहिए। जीएसटी निगरानी एवं परामर्श समिति का गठन किया जाए ताकि आम जन और व्यापारी का उत्पीड़न रोका जा सके।
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बाजार को बेहतर तरीके से चलाने के लिए खेती किसानी को प्राथमिकता देनी होगी।