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आंगनबाड़ी केंद्रों पर 50 हजार से ज्यादा बच्चों व महिलाओं को नहीं मिल रहा खाद्यान्न

Sun, 10 Oct 2021 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 11:12 PM IST
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50 thousand children and women are not getting food grains at Anganwadi centers
बागपत। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को प्री-प्राइमरी की शिक्षा देने के लिए व्यवस्थाएं बेहतर करने के दावे किए जाते है, लेकिन हालत सुधरती नहीं दिख रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्थिति यह है कि अकेले बागपत जिले में 50 हजार से ज्यादा बच्चों और महिलाओं को हर महीने खाद्यान्न ही नहीं मिल रहा है। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति छह माह से तीन साल तक के बच्चों के लिए है। यहां आधे ही बच्चों को खाद्यान्न मिल पाता है। यह किसी एक जिले के हालात नहीं है, बल्कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्रदेश के सभी जिलों से सबसे ज्यादा खाद्यान्न पूरा नहीं मिलने की शिकायत पहुंच रही है।
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खाद्यान्न के लिए इस तरह किया गया निर्धारिण
महिला एवं बाल विकास विभाग ने खाद्यान्न के लिए तीन वर्ग बनाए हुए है। इनमें एक वर्ग छह महीने से तीन साल वाले बच्चों के लिए होता है, जिसमें डेढ़ किलो गेहूं, एक किलो चावल, एक किलो दाल, आधा किलो तेल दिया जाता है। दूसरा वर्ग 3-6 साल के बच्चों के लिए होता है, जिनके लिए आधा किलो दाल, आधा किलो गेहूं, एक किलो चावल मिलता है। तीसरे वर्ग में गर्भवती महिलाएं व चौथे वर्ग में धात्री महिलाएं होती है, जिनको हर महीने एक किलो दाल, डेढ़ किलो गेहूं, एक किलो चावल व आधा किलो तेल देना होता है।
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पंजीकृत एक लाख से अधिक, खाद्यान्न 50 प्रतिशत को मिल रहा
यहां आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह माह से तीन साल तक के 62521 बच्चे पंजीकृत है, जबकि खाद्यान्न केवल 36239 का मिल रहा। तीन से छह साल तक के 29756 बच्चे पंजीकृत होने के बावजूद खाद्यान्न केवल 18721 को मिलता है, जबकि गर्भवती व धात्री महिलाएं 28859 पंजीकृत है और 19922 को खाद्यान्न मिल रहा है। इस तरह 50 हजार से ज्यादा बच्चों व महिलाओं को हर महीने राशन नहीं मिल रहा है।
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शासन से नहीं मिलता पूरा खाद्यान्न, पोर्टल पर सबसे ज्यादा शिकायत
आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत पिछले दो साल से ज्यादा बिगड़ी है और दो साल से केंद्रों पर पूरा खाद्यान्न नहीं पहुंचता है। इससे केंद्रों पर व्यवस्था बनाने के लिए जिनको एक महीने खाद्यान्न दे दिया जाता है, उनको अगले महीने खाद्यान्न नहीं देकर अन्य को दिया जाता है। इस तरह से करने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व अधिकारियों की खूब शिकायत डीएम व शासन के पास तक पहुंचती है। इसके अलावा खाद्यान्न पूरा नहीं मिलने की प्रदेशभर से शिकायत लगातार आईजीआरएस पोर्टल पर हो रही है।

खाद्यान्न पूरा नहीं आ रहा है। जितना खाद्यान्न आता है, उसको व्यवस्था बनाकर बांटा जा रहा है। जिनको एक महीने दे दिया जाता है, उनसे दूसरों को अगले महीने दिया जाता है। खाद्यान्न पूरा भेजने के लिए शासन को पत्र लिखकर अवगत करा दिया गया है। अब उस पर कार्रवाई होनी है। - विपिन मैत्रेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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