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मौत को दावत, यमुना में चल रही हैं बुग्गियों की नाव
Updated Fri, 22 Jun 2018 01:32 AM IST
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बागपत। हरियाणा के सोनीपत जनपद क्षेत्र में जाने के लिए लोग मौत को दावत देने से नहीं चूक रहे हैं। यमुना नदी पार करने के लिए बुग्गी पर बाइक और साइकिल रखकर सवारी की जा रही है। शॉर्टकट के चक्कर में हादसों को न्योता दिया जा रहा है। सोनीपत के देहात में मजदूर और दुकानदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग इन दिनों इसी तरह सफर कर रहे हैं। यूपी के किसानों का रकबा भी यमुना के पार है, जिसके चलते रोज इसी तरह नदी पार की जाती है।
यूपी के गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर जिले के सैकड़ों गांव यमुना नदी के किनारे पर बसे हुए हैं। दूसरी तरफ हरियाणा के यमुनानगर, पानीपत और सोनीपत जिले जुड़ते हैं। बागपत के लोगों का सोनीपत में रोज आवागमन रहता है। यमुना में पानी आ जाने के बाद कच्चे रास्ते गायब हो गए हैं। लेकिन लोग अभी भी खतरा उठाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। मुख्य रास्ते सोनीपत के देहात क्षेत्र में जाने के बजाए यमुना नदी के रास्ते को चुना जा रहा है। पानी आ जाने के बाद अब किसानों की बुग्गियों का सहारा ही किसान ले रहे हैं। इन बुग्गियों पर बाइक, साइकिल रखकर नदी पार करते हैं। घरेलू सामान लाने और ले जाने के लिए भी यमुना नदी इसी तरह पार की जा रही है।
काठा नाव हादसे से कब लेंगे सबक
बागपत। काठा गांव में यमुना नदी में नाव समा जाने के कारण 19 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद लोग सबक सीखने के लिए तैयार नहीं है। जिले में कई जगह अवैध तरीके से नाव के जरिये भी नदी पार कराई जाती है। जैसे-जैसे यमुना में पानी बढ़ेगा नाव भी उतार दी जाएगी।
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यूपी के गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर जिले के सैकड़ों गांव यमुना नदी के किनारे पर बसे हुए हैं। दूसरी तरफ हरियाणा के यमुनानगर, पानीपत और सोनीपत जिले जुड़ते हैं। बागपत के लोगों का सोनीपत में रोज आवागमन रहता है। यमुना में पानी आ जाने के बाद कच्चे रास्ते गायब हो गए हैं। लेकिन लोग अभी भी खतरा उठाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। मुख्य रास्ते सोनीपत के देहात क्षेत्र में जाने के बजाए यमुना नदी के रास्ते को चुना जा रहा है। पानी आ जाने के बाद अब किसानों की बुग्गियों का सहारा ही किसान ले रहे हैं। इन बुग्गियों पर बाइक, साइकिल रखकर नदी पार करते हैं। घरेलू सामान लाने और ले जाने के लिए भी यमुना नदी इसी तरह पार की जा रही है।
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काठा नाव हादसे से कब लेंगे सबक
बागपत। काठा गांव में यमुना नदी में नाव समा जाने के कारण 19 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद लोग सबक सीखने के लिए तैयार नहीं है। जिले में कई जगह अवैध तरीके से नाव के जरिये भी नदी पार कराई जाती है। जैसे-जैसे यमुना में पानी बढ़ेगा नाव भी उतार दी जाएगी।
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