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छोटे चौधरी और नवाब को एकमंच पर लाने की तैयारी
Updated Tue, 22 Aug 2017 01:11 AM IST
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बागपत। रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह और पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद को फिर से एक मंच पर लाने की तैयारी है। मुस्लिम समाज के लोगों ने दोनों नेताओं से मुलाकात की। नतीजे सार्थक रहे। प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि पूर्व मंत्री फिर से छोटे चौधरी के साथ मिलकर वेस्ट यूपी के लोगों की लड़ाई लड़ेंगे।
बागपत शहर के रहने वाले हाजी यूनुस, शहाबुद्दीन, उस्मान अली, हाजी सत्तार, ठाकुर जमशेद, हाजी बाबू, हाजी अहताब, हाजी शानू, सलीम, शफीक और बाबू ने बताया दोनों नेताओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। पहले नवाब कोकब हमीद से मुलाकात की। इसके बाद दिल्ली जाकर छोटे चौधरी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि दोनों से बातचीत सार्थक रही है। आम आदमी के हित में दोनों नेता फिर से एक होने पर विचार कर रहे हैं, इसकी जल्द ही घोषणा की जाएगी। पहले लोकसभा और फिर आने वाले विधानसभा चुनाव में इससे रालोद को फायदा होगा। नवाब कोकब हमीद के नेतृत्व में पार्टी को मजबूत करने का अभियान चलाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
हार के बाद किया था किनारा
पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद रालोद से किनारा कर लिया था। नजदीकी अंतर से वह बसपा की प्रत्याशी से हार गए थे। उनके बेटे अहमद हमीद ने पिछला विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ा, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। उधर, पिछले लोकसभा चुनाव में छोटे चौधरी भी बागपत लोकसभा सीट से हार गए थे। राजनीतिक गुणाभाग के लिए फिर से दोनों नेताओं को एकजुट करने की तैयारी चल रही है।
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बागपत शहर के रहने वाले हाजी यूनुस, शहाबुद्दीन, उस्मान अली, हाजी सत्तार, ठाकुर जमशेद, हाजी बाबू, हाजी अहताब, हाजी शानू, सलीम, शफीक और बाबू ने बताया दोनों नेताओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। पहले नवाब कोकब हमीद से मुलाकात की। इसके बाद दिल्ली जाकर छोटे चौधरी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि दोनों से बातचीत सार्थक रही है। आम आदमी के हित में दोनों नेता फिर से एक होने पर विचार कर रहे हैं, इसकी जल्द ही घोषणा की जाएगी। पहले लोकसभा और फिर आने वाले विधानसभा चुनाव में इससे रालोद को फायदा होगा। नवाब कोकब हमीद के नेतृत्व में पार्टी को मजबूत करने का अभियान चलाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
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हार के बाद किया था किनारा
पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद रालोद से किनारा कर लिया था। नजदीकी अंतर से वह बसपा की प्रत्याशी से हार गए थे। उनके बेटे अहमद हमीद ने पिछला विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ा, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। उधर, पिछले लोकसभा चुनाव में छोटे चौधरी भी बागपत लोकसभा सीट से हार गए थे। राजनीतिक गुणाभाग के लिए फिर से दोनों नेताओं को एकजुट करने की तैयारी चल रही है।
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