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शौचालय निर्माण में गड़बड़, बजट रोका
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:59 AM IST
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बागपत।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले शौचालयों में मानक के अनुसार निर्माण नहीं कराया जा रहा है। अहैड़ा और दुड़भा के लोगों की शिकायतों पर डीपीआरओ ने ग्राम निधि खातों से धनराशि निकासी पर रोक लगा दी है। दोनों गांवों में 157 शौचालय का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ-साथ प्रशासन के अफसर दौड़ धूप कर रहे हैं। दिसंबर तक जिले को ओडीएफ का लक्ष्य निर्धारित है। गांवों में 12 हजार के अनुदान शौचालयों निर्माण के लिए धनराशि मुहैया कराई जा रही है, लेकिन इन योजना की धनराशि सही प्रकार से नहीं लगाई जा रही है। अहैड़ा-दुड़भा गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए पात्रों का चयन करते हुए 157 शौचालय का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया था। जिसकी धनराशि ग्राम निधि खाते में भेजी जाती है। दुड़भा गांव में तो 21 में से 20 शौचालय बीडीओ की जांच में बने मिले। दोनों गांवों के ग्रामीणों ने सीडीओ चांदनी सिंह को शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़ा और मानक के अनुसार न बनाए जाने की शिकायत की।
जिसके बाद डीपीआरओ ने अपने स्तर से इसकी जांच कराई। स्वच्छ शौचालयों का निर्माण कार्य मानक के अनुरूप पूर्ण न करने और अधूरे पाए जाने के कारण पंचायत अहैड़ा के ग्राम निधि खाते से प्रधान और सचिव द्वारा धनराशि निकालने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। उधर, डीपीआरओ रामप्रकाश मिश्रा ने कहा कि मानक के अनुसार निर्माण न करने और कार्य पूरा न करने के कारण खाते से धनराशि निकासी पर रोक लगाई गई है।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले शौचालयों में मानक के अनुसार निर्माण नहीं कराया जा रहा है। अहैड़ा और दुड़भा के लोगों की शिकायतों पर डीपीआरओ ने ग्राम निधि खातों से धनराशि निकासी पर रोक लगा दी है। दोनों गांवों में 157 शौचालय का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ-साथ प्रशासन के अफसर दौड़ धूप कर रहे हैं। दिसंबर तक जिले को ओडीएफ का लक्ष्य निर्धारित है। गांवों में 12 हजार के अनुदान शौचालयों निर्माण के लिए धनराशि मुहैया कराई जा रही है, लेकिन इन योजना की धनराशि सही प्रकार से नहीं लगाई जा रही है। अहैड़ा-दुड़भा गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए पात्रों का चयन करते हुए 157 शौचालय का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया था। जिसकी धनराशि ग्राम निधि खाते में भेजी जाती है। दुड़भा गांव में तो 21 में से 20 शौचालय बीडीओ की जांच में बने मिले। दोनों गांवों के ग्रामीणों ने सीडीओ चांदनी सिंह को शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़ा और मानक के अनुसार न बनाए जाने की शिकायत की।
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जिसके बाद डीपीआरओ ने अपने स्तर से इसकी जांच कराई। स्वच्छ शौचालयों का निर्माण कार्य मानक के अनुरूप पूर्ण न करने और अधूरे पाए जाने के कारण पंचायत अहैड़ा के ग्राम निधि खाते से प्रधान और सचिव द्वारा धनराशि निकालने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। उधर, डीपीआरओ रामप्रकाश मिश्रा ने कहा कि मानक के अनुसार निर्माण न करने और कार्य पूरा न करने के कारण खाते से धनराशि निकासी पर रोक लगाई गई है।
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