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3300 पेड़ कटेंगे बागपत के, लगाए जाएंगे हमीरपुर में
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3300 पेड़ कटेंगे बागपत के, लगाए जाएंगे हमीरपुर में
बागपत। बागपत से मेरठ तक हाईवे निर्माण की तैयारियां चल रही हैं। दोनों जिलों की सीमा में वन विभाग ने 3300 पेड़ काटने की अनुमति दी है। हैरत की बात ये है कि सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने काटे जाने वाले पेड़ों की क्षतिपूर्ति के रूप में वनीकरण हमीरपुर में करने की बात कही है। जिले मेें एनएचएआई के पास जगह नहीं होने का हवाला दिया जा रहा है।
बागपत-मेरठ के बीच करीब 45 किमी के टुकड़े के समतलीकरण का कार्य शुरू हो गया है। सड़क एवं परिवहन मंत्रालय हाईवे का दोहरीकरण करेगा। इसके लिए दोनों साइड में पेड़ काटने होंगे। एनएचएआई के अधिकारियों ने वन विभाग से इसकी अनुमति मांगी थी। क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि 3300 पेड़ काटने की अनुमति दी है। एनएचएआई को एक पेड़ के बदले दो पेड़ लगाने होंगे। पेड़ काटने की अनुमति सरकार ने दी है, लेकिन जिले में एनएचएआई के पास जगह नहीं है। ऐसे में मेरठ और बागपत जिले में हाईवे के दोनों किनारों पर काटे जाने वाले पेड़ों के बदले एनएचएआई हमीरपुर में पेड़ लगाएगा।
पेड़ कटान से पर्यावरण को होगा नुकसान
हाईवे निर्माण के लिए पेड़ कटान जरूरी है, लेकिन इससे पर्यावरण को भी नुकसान होगा। जिले के बजाए हमीरपुर में पेड़ लगाए जा रहे हैं। जाहिर है कि इससे जिले के पर्यावरण में कोई सुधार नहीं होगा।
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समतलीकरण शुरू, जल्द होगा निर्माण
बागपत-मेरठ हाईवे के टुकड़े के लिए समतलीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ठेकेदार कंपनी किनारों की सफाई का कार्य करा रही है। होली से पहले पेड़ कटान के बाद निर्माण शुरू होने की संभावना है।
मीतली से नहीं गुजरेगा बाईपास
ठेकेदार कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि बाईपास निर्माण की योजना नहीं है। जबकि पहले मीतली से बाईपास बनाते हुए सीधे गौरीपुर मोड़ तक हाईवे को ले जाने की योजना थी। अब इस योजना पर काम नहीं चल रहा है। हाईवे सीधा बागपत चौराहे पर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से कनेक्ट होगा। गौरीपुर मोड़ से दोबारा इसे सोनीपत की सीमा तक बनाया जाएगा।
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बागपत। बागपत से मेरठ तक हाईवे निर्माण की तैयारियां चल रही हैं। दोनों जिलों की सीमा में वन विभाग ने 3300 पेड़ काटने की अनुमति दी है। हैरत की बात ये है कि सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने काटे जाने वाले पेड़ों की क्षतिपूर्ति के रूप में वनीकरण हमीरपुर में करने की बात कही है। जिले मेें एनएचएआई के पास जगह नहीं होने का हवाला दिया जा रहा है।
बागपत-मेरठ के बीच करीब 45 किमी के टुकड़े के समतलीकरण का कार्य शुरू हो गया है। सड़क एवं परिवहन मंत्रालय हाईवे का दोहरीकरण करेगा। इसके लिए दोनों साइड में पेड़ काटने होंगे। एनएचएआई के अधिकारियों ने वन विभाग से इसकी अनुमति मांगी थी। क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि 3300 पेड़ काटने की अनुमति दी है। एनएचएआई को एक पेड़ के बदले दो पेड़ लगाने होंगे। पेड़ काटने की अनुमति सरकार ने दी है, लेकिन जिले में एनएचएआई के पास जगह नहीं है। ऐसे में मेरठ और बागपत जिले में हाईवे के दोनों किनारों पर काटे जाने वाले पेड़ों के बदले एनएचएआई हमीरपुर में पेड़ लगाएगा।
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पेड़ कटान से पर्यावरण को होगा नुकसान
हाईवे निर्माण के लिए पेड़ कटान जरूरी है, लेकिन इससे पर्यावरण को भी नुकसान होगा। जिले के बजाए हमीरपुर में पेड़ लगाए जा रहे हैं। जाहिर है कि इससे जिले के पर्यावरण में कोई सुधार नहीं होगा।
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समतलीकरण शुरू, जल्द होगा निर्माण
बागपत-मेरठ हाईवे के टुकड़े के लिए समतलीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ठेकेदार कंपनी किनारों की सफाई का कार्य करा रही है। होली से पहले पेड़ कटान के बाद निर्माण शुरू होने की संभावना है।
मीतली से नहीं गुजरेगा बाईपास
ठेकेदार कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि बाईपास निर्माण की योजना नहीं है। जबकि पहले मीतली से बाईपास बनाते हुए सीधे गौरीपुर मोड़ तक हाईवे को ले जाने की योजना थी। अब इस योजना पर काम नहीं चल रहा है। हाईवे सीधा बागपत चौराहे पर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से कनेक्ट होगा। गौरीपुर मोड़ से दोबारा इसे सोनीपत की सीमा तक बनाया जाएगा।