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रूठों को मनाने में गुजर गई कयामत की रात
Updated Wed, 29 Nov 2017 01:22 AM IST
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बागपत। मतदान से पहले मंगलवार की रात में निकाय चुनाव के प्रत्याशियों के लिए कयामत की रात साबित हुई। प्रत्याशी और उनके समर्थक रूठों को मनाते रहे। गुपचुप प्रचार किया । यही नहीं एक-दूसरे प्रत्याशी पर भी नजर रही। प्रत्याशियों ने अपना बूथ मैनेजमेंट किया।
मंगलवार की रात में पुलिस-प्रशासन ने अपनी तैयारियां की तो प्रत्याशियों ने अपनी। प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। मतदाताओं को लुभाया भी गया। अपना पक्ष रखा और जहां मतदाता रूठे थे, उन्हें मनाया भी गया। एक दूसरे प्रत्याशी की घुसपैठ रोकने के लिए भी प्रत्याशियों की टीमें मुस्तैद रही। सर्दी के बावजूद देर रात तक जनसंपर्क करते रहे। मोबाइल के जरिए भी प्रचार किया गया। कई जगह दावतों का दौर भी चला।
वोट के लिए, चलिए माफ कर दो
बड़ौत। अम्मा, बाबू जी यदि कोई गलती हुई हो तो माफ कर दो। एक बार जीता दो जिंदगी भर अहसानमंद रहूूंगा। भूल से भी भूल नहीं की जाएगी। निकाय का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी कुछ इसी अंदाज में वोटरों को लुभाते नजर आए। रात के समय वोटरों को लुभाने के लिए हथकंडे अपनाए गए।
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मंगलवार की रात में पुलिस-प्रशासन ने अपनी तैयारियां की तो प्रत्याशियों ने अपनी। प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। मतदाताओं को लुभाया भी गया। अपना पक्ष रखा और जहां मतदाता रूठे थे, उन्हें मनाया भी गया। एक दूसरे प्रत्याशी की घुसपैठ रोकने के लिए भी प्रत्याशियों की टीमें मुस्तैद रही। सर्दी के बावजूद देर रात तक जनसंपर्क करते रहे। मोबाइल के जरिए भी प्रचार किया गया। कई जगह दावतों का दौर भी चला।
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वोट के लिए, चलिए माफ कर दो
बड़ौत। अम्मा, बाबू जी यदि कोई गलती हुई हो तो माफ कर दो। एक बार जीता दो जिंदगी भर अहसानमंद रहूूंगा। भूल से भी भूल नहीं की जाएगी। निकाय का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी कुछ इसी अंदाज में वोटरों को लुभाते नजर आए। रात के समय वोटरों को लुभाने के लिए हथकंडे अपनाए गए।
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