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उम्मीदों पर कितना खरा उतरेगा बजट?

Thu, 01 Feb 2018 01:16 AM IST
Updated Thu, 01 Feb 2018 01:16 AM IST
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उम्मीदों पर कितना खरा उतरेगा बजट?
बागपत/बड़ौत। केंद्र की भाजपा सरकार के बजट पर लोगों की उम्मीदें टिकी है। गृहणी से लेकर किसान और व्यापारी तक बजट से राहत की बौछरों की आस लगाए हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली के पिटारे से कितनी राहत बरसेगी, यह तो बृहस्पतिवार को ही स्पष्ट हो सकेगा। लोकसभा चुनाव से पहले सरकारी के आखिरी पूर्ण बजट से प्रत्येक वर्ग के व्यक्ति को उम्मीद है कि कोई न कोई राहत जरूर मिलेगी। युवाओं को रोजगार की चिंता है तो किसान को अपने खेत-खलिहान के लिए नई घोषणा का इंतजार। दिल्ली-सहारनपुर रेल लाइन के दोहरीकरण की घोषणाएं होती रही है, लेकिन अब तक इसका लाभ नहीं मिला। नई ट्रेन की मांग की, लेकिन अभी तक सब केवल उम्मीदें ही बनकर रह गई हैं।
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आय दोगुनी करने का इंतजाम करें
भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर का कहना है कि किसान को बीज, सिंचाई और फसलों के दाम तक में राहत चाहिए। किसान की आय दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार को अब इसका इंतजाम भी करना चाहिए।
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रालोद जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रदीप सिंह का कहना है कि सरकार के पिछले सारे बजट हवाई साबित हुए हैं। धरातल पर कोई काम नहीं दिखा। इस बार भी कोई उम्मीद नहीं है। देश को किसान की आय दोगुनी करने का फार्मूला बताया जाना चाहिए।
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महिलाओं को मिले आर्थिक मजबूती
गृहणी बबीता उज्ज्वल का कहना है कि बेटियों की उच्च शिक्षा को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार को आम बजट पेश करना चाहिए। लड़कियों की शिक्षा फ्री होनी चाहिए। इससे सरकार की बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ की मंशा भी पूरी हो जाएगी।
गृहणी रेणू चौधरी का कहना है कि महिलाओं को आर्थिक तौर पर मजबूत किया जाना चाहिए। महिलाओं के लिए नौकरी का इंतजाम हो। रसोई पर बोझ कम होना चाहिए। खाने पीने की वस्तुओं के दाम कम होने चाहिए।

आमजन के हित का होना चाहिए बजट
बड़ौत निवासी जितेंद्र का कहना है कि शिक्षा और चिकित्सा को पूर्ण रूप से शुल्क मुक्त एवं सभी के लिए समान शिक्षा की पैरवी करने वाला बजट पेश करना चाहिए। तभी लोगों को लगेगा की सरकार उनके हितों को ध्यान में रखे हुए हैं।
बड़ौत निवासी यशवीर तोमर का कहना है कि केंद्र सरकार को घरेलू सामान और आम व्यक्ति के इस्तेमाल मेें होने वाली वस्तुओं को ध्यान में रख कर ही बजट लाना चाहिए। तभी सरकार को हर वर्ग की हितैषी सरकार कहा जाएगा।

करों में राहत मिलें तो चलें व्यापार
बड़ौत के व्यापारी अनिल जैन कहते है कि बजट फुटकर विक्रेताओं की आमदनी बढ़ाने वाला चाहिए। जीएसटी से राहत मिलनी चाहिए। कर में छूट से ही व्यापारी को लाभ होगा और इसका लाभ आम आदमी तक पहुंचेगा।
सुमित तोमर कहते है कि केंद्र सरकार के बजट से हर वर्ग के लोगों को काफी उम्मीद है, इसलिए बजट ऐसा पेश होना चाहिए, ताकि सभी वर्ग के लिए फायदेमंद हो। उद्यमियों और व्यापारियों को भी करों में राहत मिलनी चाहिए।

दोहरीकरण लटकने से रोज छूटते हैं पसीने
दैनिक रेल यात्री सचिन राजपूत का कहना है कि दिल्ली-सहारनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण जरूरी है। इससे जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। दैनिक यात्री अपनी ड्यूटी तक पहुंचने के लिए रोज परेशान होते हैं।
दैनिक यात्री अनिल चौधरी का कहना है कि सहारनपुर और दिल्ली के बीच दैनिक यात्रियों के लिए ड्यूटी टाइम पर नई ट्रेन की व्यवस्था होनी चाहिए। जो ट्रेन चल रही है, उनकी वजह से वह रोजाना लेट होकर ड्यूटी पर पहुंचते हैं।


प्रत्येक वर्ग के लिए होगा बजट: सत्यपाल सिंह
केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार का बजट प्रत्येक वर्ग के लिए होगा। इसमें प्रत्येक व्यक्ति के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
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