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दलितों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है प्रशासन
Updated Sun, 28 Oct 2018 01:13 AM IST
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दोघट (बागपत)।
भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों का शनिवार को भी धरना जारी रहा। प्रशासन द्वारा उनकी सुध नहीं ली गई। इसको लेकर दलितों में आक्रोश व्याप्त है।
वक्ताओं ने कहा कि 23 दिन से वे धरने पर बैठे है, लेकिन आज तक प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली। इकाइयां बंद होने से 110 परिवार के लोग बेरोजगार हो गए हैं। प्रशासन द्वारा दलित परिवारों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। देश की आजाद के बाद से गांव में इकाइयां चल रही है। इन इकाइयों पर दो हजार के लगभग लोग काम करते थे। बंद होने के कारण दलित परिवार भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। प्रशासन काम करने की अनुमति नहीं दे रहा है। शुक्रवार को एडीएम बागपत दूसरे धरने को समाप्त कराकर चले गए, लेकिन दलितों के धरने पर आकर उनका हाल पूछना भी मुनासिब नहीं समझा। इससे साफ हो गया है कि प्रशासन दलितों का उत्पीड़न कर रहा है। जब कि उन्हें पर्याप्त जमीन नहीं मिलेगी, वे इकाइयों को स्थानांतरित नहीं करेंगे। इस मौके पर रमेश, अरविंद, सोमपाल, ऋषिपाल, मांगे, नरेश, श्रीनिवास, लाला, सुशील, प्रवीण, बिट्टू, राम कुमार, राहुल, चंद्र सैन, राजू, ओमवती, सोना, शीला, बाला, मुन्नी, मुनेश, कमलेश आदि रहे।
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भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों का शनिवार को भी धरना जारी रहा। प्रशासन द्वारा उनकी सुध नहीं ली गई। इसको लेकर दलितों में आक्रोश व्याप्त है।
वक्ताओं ने कहा कि 23 दिन से वे धरने पर बैठे है, लेकिन आज तक प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली। इकाइयां बंद होने से 110 परिवार के लोग बेरोजगार हो गए हैं। प्रशासन द्वारा दलित परिवारों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। देश की आजाद के बाद से गांव में इकाइयां चल रही है। इन इकाइयों पर दो हजार के लगभग लोग काम करते थे। बंद होने के कारण दलित परिवार भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। प्रशासन काम करने की अनुमति नहीं दे रहा है। शुक्रवार को एडीएम बागपत दूसरे धरने को समाप्त कराकर चले गए, लेकिन दलितों के धरने पर आकर उनका हाल पूछना भी मुनासिब नहीं समझा। इससे साफ हो गया है कि प्रशासन दलितों का उत्पीड़न कर रहा है। जब कि उन्हें पर्याप्त जमीन नहीं मिलेगी, वे इकाइयों को स्थानांतरित नहीं करेंगे। इस मौके पर रमेश, अरविंद, सोमपाल, ऋषिपाल, मांगे, नरेश, श्रीनिवास, लाला, सुशील, प्रवीण, बिट्टू, राम कुमार, राहुल, चंद्र सैन, राजू, ओमवती, सोना, शीला, बाला, मुन्नी, मुनेश, कमलेश आदि रहे।
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